नागपुर: प्रसव के दौरान नवजात की मौत, स्टाफ पर गंभीर आरोप; डागा अस्पताल केस में जांच समिति गठित
Nagpur Hospital Negligence: नागपुर के डागा अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, जांच के लिए समिति गठित की गई।
- Written By: अंकिता पटेल
डागा अस्पताल, नवजात मौत, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Daga Hospital Case: नागपुर शहर के डागा शासकीय स्त्री अस्पताल में एक गर्भवती की डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत पर परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं अस्पताल प्रशासन ने परिजनों की शिकायत के बाद जांच समिति गठित कर दी है। बताया गया कि गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह लगभग 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोप है कि पूरे दिन महिला को उचित इलाज नहीं दिया गया और समय पर लेबर वॉर्ड में शिफ्ट भी नहीं किया गया। रात करीब 8-9 बजे जब महिला को लेबर वॉर्ड में ले जाया गया तब वहां अस्पताल स्टाफ द्वारा बेहद अमानवीय व्यवहार किया गया। जबरदस्ती डिलीवरी कराने की कोशिश की गई जिससे स्थिति गंभीर हो गई और अंततः नवजात की मौत हो गई।
इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद महिला के पति सुरेंद्र बनोदे जब पुलिस स्टेशन पहुंचे तो शुरुआत में शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की गयी, इसके बाद मामले की जानकारी नगरसेवक वसीम खान को दी गई।
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खान और सामाजिक कार्यकर्ता नावेद सौदागर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया जिसके बाद शिकायत लिखित में दर्ज की गई।
पश्चात वैद्यकीय अधीक्षक से मुलाकात की। शुरुआत में अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों से इनकार किया लेकिन जब पीड़ित महिला से बातचीत की गई तो उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए स्टाफ के दर्व्यवहार और गालीगलौज की जानकारी दी। पश्चात वैद्यकीय अधीक्षक ने जांच समिति गठित करने और दोषी पाये जाने पर स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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महिला को सिकलसेल एएस पैटर्न है। इस तरह के मामलों में वैद्यकीय दिक्कतें आती है। परिजन मानने को तैयार नहीं थे। इस वजह से जांच समिति गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई उजागर हो जाएगी। यदि स्टाफ की लापरवाही सामने आई तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।
– डागा, वैद्यकीय अधीक्षक, डॉ. दिलीप मडावी
