नागपुर में बड़ी ड्रग रेड: निर्माणाधीन इमारत में छिपाया था 85 किलो गांजा, 48 लाख के माल के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार
Nagpur Ganja Smuggling: नागपुर क्राइम ब्रांच ने जरीपटका इलाके में निर्माणाधीन इमारत पर छापा मारकर 85 किलो गांजा जब्त किया। ट्रांसपोर्टर हैप्पी ओडिशा से सप्लाई करता था नशे का सामान।
नागपुर ने जब्त किया गांजा व गिरफ्तार आरोपी (फोटो नवभारत)
Nagpur Crime Branch Ganja Seized: महाराष्ट्र की उपराजधानी में नशे के सौदागरों के खिलाफ नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच (यूनिट 3) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार की रात जरीपटका थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोरकर लेआउट की निर्मल कॉलोनी में पुलिस ने एक निर्माणाधीन इमारत पर छापेमारी कर 85 किलो गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सप्लायर फिलहाल फरार है।
गुप्त सूचना पर पुलिस का एक्शन
क्राइम ब्रांच यूनिट 3 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि निर्मल कॉलोनी में बन रही एक इमारत के कमरे में गांजे की एक बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर महेश सागड़े के नेतृत्व में टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद दो संदिग्धों फिरोज खान सरदार खान (49) और मोहम्मद शकील (55) को हिरासत में लिया गया।
9 बोरियों में भरा था नशा
इमारत की तलाशी लेने पर नागपुर पुलिस को 9 बोरियां मिलीं, जिनमें कुल 85 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। इसके साथ ही मौके से तीन चार पहिया वाहन भी बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि इन वाहनों का इस्तेमाल शहर के अलग-अलग हिस्सों में गांजे की सप्लाई के लिए किया जा रहा था। जब्त किए गए गांजे, मोबाइल और वाहनों की कुल कीमत 48.70 लाख रुपये आंकी गई है।
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ओडिशा कनेक्शन और ट्रांसपोर्टर की भूमिका
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी फिरोज ने बताया कि गांजे की यह खेप कपिलनगर निवासी हरपीत सिंह उर्फ हैप्पी जसविंदर सिंह सैनी ने मुहैया कराई थी। हैप्पी का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय है और उसकी गाड़ियां ओडिशा रूट पर चलती हैं। कथित तौर पर ओडिशा से मालवाहक वाहनों के जरिए गांजा तस्करी कर नागपुर लाया जाता था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी ‘हैप्पी’ की तलाश में छापेमारी जारी है। इस सफल कार्रवाई को पीएसआई मधुकर काठोके, एएसआई संतोष ठाकुर, अजय पाटिल और उनकी टीम ने अंजाम दिया।
