कमर्शियल सिलेंडर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Commercial Gas Rate: पहले से ही एलपीजी संकट और महंगाई की मार झेल रहे रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को फिर से कमर्शियल सिलेंडर के बढ़े दामों ने करारा झटका दिया है। कंपनियों ने एक बार फिर महंगाई का तोहफा देते हुए 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। 1 माह पहले यानी 1 मार्च को जहां कमर्शियल सिलेंडर 1,944.50 रुपए का चल रहा था वह अभी 2,255 रुपये पर पहुंच गया है।
इस तरह यह 1 माह में यह 310.50 रुपये महंगा हो गया है। 1 मार्च को इसमें जहां 29 रुपये बढ़ाए गये थे, वहीं अंतरराष्ट्रीय हालात और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के वजह से दूसरा झटका 7 मार्च को 114.5 रुपये बढ़ाकर दिया गया था। इससे भाव 2,059 रुपये पर पहुंचे थे, जो कि अब 1 अप्रैल को फिर 196 रुपये बढ़कर 2,255 रुपये पर पहुंच गये हैं। ऐसे में रेस्टोरेंट और संचालकों को तगड़ा झटका लगा है।
संचालकों को अब प्रोडक्शन में बढ़े खर्च का और अधिक बोझ उठाना पड़ेगा। इस कारण छोटे से बड़े होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। इस महंगाई की आंच अभी ग्राहकों को भी पड़ने लगी है। ग्राहकों को अब होटलों में नाश्ता और खाना महंगा पड़ने लगा है।
ऑरेंज सिटी के छोटे से बड़े रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार महंगाई के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेल के साथ एलपीजी सिलेंडर की महंगाई अब व्यवसाय को तबाह करने पर तुली हुई है। नाश्ते सहित अन्य खाद्य पदार्थों के रेट बढ़ाये जाने से छोटे ग्राहकों की संख्या बहुत कम हो गई है।
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ग्राहक अभी भी बाहर का खाना टाल रहे हैं। हालात यह है कि रेस्टोरेंट की रसोई में हर व्यंजन के प्रोडक्शन कास्ट में 20 से 25 प्रश तक बढ़ गया है। ऐसे में जो बचत होती थी, उसमें भारी कमी आ गई है। इससे खर्च निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है कि इन खर्च को कैसे मैनेज किया जाए।
होटल संचालकों के सिलेंडर की स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं होने और खाद्य तेल के कारण पहले ही व्यंजनों की कीमतों में बढ़ोतरी जा चुकी की है लेकिन अब लगातार तो कीमतें नहीं बढ़ा सकते हैं क्योंकि पहले से ही ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। ऊपर से अगर व्यंजनों की कीमत बढ़ा देंगे तो जो ग्राहक आ रहे हैं, उनका आना भी कम हो जाएगा।
ऐसे में मजबूरी में भी फिलहाल कीमत बढ़ाना संभव नहीं है। ऊपर से सामानों का रेट लगातार बढ़ रहा है। बार-बार रेस्टोरेंट में बनने वाले सामान का रेट भी नहीं बढ़ाया जा सकता है। गैस ही नहीं तेल, मसाले से लेकर महंगाई की जमकर मार पड़ी है। इस महंगाई में होटल चलाना भी मुश्किल हो गया है।