नागपुर में बाल विवाह पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 5 साल में 59 शादियां रुकीं, 14 परिवारों पर कानूनी गाज!
Child Marriage Nagpur: नागपुर जिले में पिछले 5 सालों में महिला एवं बाल विकास विभाग ने 59 बाल विवाह रोके। 14 FIR दर्ज की गईं। बाल विवाह की रिपोर्ट करने के लिए 1098 डायल करें।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर में रोके बाल विवाह (सौजन्य-नवभारत)
Women and Child Development Department: बाल विवाह अपने आप में एक गंभीर अपराध है, इसके बावजूद यह कुप्रथा देशभर में आज भी अलग-अलग रूपों में जारी है। नागपुर जिला भी इससे अछूता नहीं है। यहां ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहर के कुछ हिस्सों में भी बाल विवाह चोरी-छिपे कराए जाने की कोशिशें सामने आई हैं।
हालांकि महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग की सतर्कता व सख्त कार्रवाई के चलते कई मासूम जिंदगियों को समय से पहले बंधन में बंधने से बचा लिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में नागपुर जिले में करीब 59 बाल विवाह रोके गए हैं जिनमें से 14 मामलों में संबंधित थानों में अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच
यह आंकड़ा भले ही कम दिखाई दे लेकिन हकीकत यह है कि प्रत्येक मामला एक बच्चे के भविष्य से जुड़ा हुआ है। जिले में कामठी, काटोल, सावनेर, उमरेड और नरखेड़ जैसे तहसीलों में बाल विवाह के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक दबाव, परंपरा और आर्थिक मजबूरी के चलते यह कुप्रथा अब भी जड़ें जमाए हुए है। वहीं नागपुर शहर में भी कुछ प्रकरण सामने आना चिंता का विषय है।
सम्बंधित ख़बरें
जन्मदिन पर नितिन गडकरी ने लिया ऐसा ‘महा-संकल्प’! नागपुर समेत पूरे देश के युवाओं और किसानों की बदल जाएगी किस्मत
अहिल्यानगर के अकोले में 55 नाबालिग बनी मां, अदिति तटकरे के विभाग पर उठा सवालिया निशान
अंबाझरी तालाब को जलकुंभी मुक्त करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान, महापौर और मनपा आयुक्त ने किया निरीक्षण
जनगणना के 33 सवालों में ओबीसी कॉलम गायब होने पर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ का आक्रोश, दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी
महिला एवं बाल विकास विभाग को प्राप्त गोपनीय सूचनाओं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता से समय रहते पुलिस को जानकारी मिलती है जिससे विवाह रुकवाकर बच्चों को संरक्षण दिया जा रहा है। कई मामलों में परिजनों को समझाइश दी गई तो कहीं-कहीं कानून का सख्त डंडा भी चलाना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक मामले विशेषकर कामठी और काटोल क्षेत्र के हैं तो वहीं शहरी क्षेत्र में जागरूकता के कारण अपेक्षाकृत कम है।
कब कितने बाल विवाह रोके?
वर्षवार जानकारी रोके गये बाल विवाह अपराध दर्ज कुल
| वर्ष | रोके गए विवाह | दर्ज मामले (FIR) | कुल सक्रियता |
| 2021-22 | 12 | 00 | 12 |
| 2022-23 | 04 | 04 | 04 |
| 2023-24 | 08 | 01 | 09 |
| 2024-25 | 11 | 06 | 17 |
| 2025-26 | 10 | 03 | 13 |
| कुल योग | 54 | 14 | 59 |
मुख्य कारण जिनसे बाल विवाह रोके गए
- महिला एवं बाल विकास विभाग की सतर्कता
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त शिकायतें
- ग्राम बाल संरक्षण समितियों की भूमिका
- पुलिस, शिक्षा विभाग और NGO का संयुक्त समन्वय
- स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों की समय पर पहचान
यह भी पढ़ें – RTMNU 113th Convocation: 95 की उम्र में मिली डी.लिट, डॉ. पांडे ने पेश की मिसाल! 61000+ छात्रों को मिली डिग्री
बाल विवाह मुक्ति की ओर कदम
महिला व बाल विकास विभाग, मंत्रालय द्वारा जारी शासन निर्णय के अनुसार राज्य के प्रत्येक जिले में बाल विवाह प्रतिबंध कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नागपुर जिले में भी शहरी व ग्रामीण स्तर पर व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है और इसे रोकने की शपथ भी दिलाई जा रही है।
– सुनील मेसरे, जिला महिला बाल विकास अधिकारी, नागपुर।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें
बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम 2006 के तहत लड़की की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित उम्र से कम आयु में विवाह किया जाना कानूनी अपराध है। ऐसे मामलों में बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कहीं भी बाल विवाह होता हुआ दिखाई दे या इसकी जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर सूचना दें।
– मुस्ताक पठान, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, नागपुर।
- नवभारत लाइव पर नागपुर से राकेश फेंडर की रिपोर्ट
