

Nagpur University Degree: अपनी क्षमता पर विश्वास रखकर किसी भी क्षेत्र में सफल होने का आह्वान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) के अध्यक्ष डॉ. अनंत पंढरे ने किया। वे राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के ११3वें दीक्षांत समारोह में बतौर अतिथि बोल रहे थे। ऑडिटोरियम हॉल, नेशनल फायर सर्विस कॉलेज राजनगर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री, पीएचडी और मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये गये।
अध्यक्षता उपकुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने की। कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे सहित प्रबंधन परिषद सदस्य, अधिष्ठाता उपस्थित थे। डॉ. पंढरे ने कहा कि हर व्यक्ति में मेहनत करने और आगे बढ़ने की अपार ऊर्जा होती है। छात्रों के कारण ही शिक्षा संस्थान और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ती है।
इस विश्वविद्यालय ने देश को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, न्यायाधीश, अनेक साहित्यिक और सामाजिक प्रतिष्ठित छात्र दिए हैं जो दर्शाता है कि विश्वविद्यालय कितना प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय अभी भी ज्ञानवान छात्र तैयार करने में महान है। जब कोई छात्र पदक प्राप्त करता है, उस समय वह अपनी मेहनत, परिवार की उम्मीदों और ऊर्जा के साथ दीक्षांत समारोह में आता है।
उपकुलपति डॉ. क्षीरसागर ने पालक और शिक्षकों को कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत समर्थन और परिश्रम से छात्रों ने सफलता हासिल की। विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने वाले सभी का आभार माना। उन्होंने कहा कि छात्र ज्ञान का उपयोग केवल खुद की प्रगति ही नहीं बल्कि समाजहित, पर्यावरण संरक्षण, समता और बंधुता के लिए करे।
| विवरण | संख्या / विवरण |
| कुल विद्यार्थी (डिग्री) | 61,871 |
| स्नातक (UG) | 49,230 |
| स्नातकोत्तर (PG) | 12,087 |
| पीएचडी (PhD) | 279 |
| डी.लिट (D.Litt) | 02 (डॉ. विनायक पांडे, डॉ. दीपक वानखेडे) |
| कुल स्वर्ण पदक | 194 |
दीक्षांत समारोह में अर्थशास्त्र विषय में ९५ वर्ष की आयु में डॉ. विनायक पांडे ने डी.लिट. की उपाधि प्राप्त की। इस अवसर पर उनकी ओर से मकरंद पांडे ने डी.लिट. स्वीकार की। डॉ. दीपक वानखेडे ने भूगोल विषय में डी.लिट. प्राप्त की। वहीं ६५ वर्षीय घनश्याम मांगे को पीएचडी करने पर योगतज्ञ डॉ. विट्ठलराव जिभकाटे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. अमृता इंदूरकर व डॉ. वर्षा देशपांडे ने किया।
समारोह में शीत 2०२४ और ग्रीष्म सत्र २०२५ की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले १४० प्रावीण्य प्राप्त विद्यार्थियों को १९४ स्वर्ण, ८ रजत व २७ पुरस्कारों सहित कुल २२९ पुरस्कार प्रमुख अतिथि के हाथों प्रदान किए गए। इसमें विश्वविद्यालय के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर विधि महाविद्यालय की क्रतिका धोटे को बीए एलएलबी (5 वर्षीय) परीक्षा में सर्वाधिक अंक के लिए ५ स्वर्ण, २ पुरस्कार, धनंजयराव गाडगिल सहकारी प्रबंध संस्थान के सुचेतन गमने को एमबीए में सर्वाधिक अंकों के लिए ६ स्वर्ण मिले।
डॉ. बाबासाहब आंबेडकर विचारधारा विभाग की अर्चना लाले को एमए (बुद्धिस्ट स्टडीज) के लिए ६ स्वर्ण, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर महाविद्यालय दीक्षाभूमि के तथागत ठाकुर को एलएलबी (3 वर्षीय) के लिए ५ स्वर्ण, यशवंत महाविद्यालय वर्धा की निवेदिता फुसाटे को एमए (मराठी) के लिए ४ स्वर्ण व 1 पुरस्कार, जनसंवाद विभाग की प्राची ठाकरे को 3 स्वर्ण, २ पुरस्कार प्रदान किये गये।