आपली बस (फाइल फोटो)
Female Bus Drivers Nagpur: नागपुर मनपा आयुक्त द्वारा दिए जा रहे वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित और वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट के एक दिन पहले परिवहन विभाग का भी बजट देने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि 13 को मनपा आयुक्त विपिन इटनकर की ओर से स्थायी समिति को बजट पेश किया जाएगा।
इसी तरह से 1-2 दिनों में ही परिवहन विभाग की ओर से परिवहन समिति सभापति को बजट पेश करने की मंशा विभाग की ओर से जताई गई है। अधिकारियों की मानें तो बजट का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल अब भाषण के अंश पूरे होने बाकी हैं। बताया जाता है कि हमेशा की तरह इस वित्तीय वर्ष में भी परिवहन विभाग की ओर से घाटे का ही बजट पेश किया जाएगा।
गत वर्ष मनपा में कोई सत्ता नहीं होने के कारण परिवहन विभाग की ओर से प्रशासक के समक्ष 597 करोड़ का बजट पेश किया गया था। इस वर्ष 640 करोड़ के आसपास का बजट पेश होने का अनुमान है। बताया जाता है कि पहली बार आपली बसों में महिला ड्राइवर की नियुक्ति करने का मानस सभापति के बजट में होगा। प्राथमिक स्तर पर यह सिलसिला 10 बसों से शुरू होगा।
सिटी बसों के परिवहन की व्यवस्था अपने हाथों में लेने के बाद से परिवहन विभाग द्वारा हमेशा ही घाटे का बजट पेश किया गया। आय और खर्च में आने वाले इस अंतर को पाटने के लिए हमेशा से मनपा द्वारा अनुदान मांगा गया जिसके बलबूते बसों का संचालन होता रहा है। गत वर्ष मनपा की ओर से परिवहन विभाग को 170 करोड़ का अनुदान दिया गया था किंतु इस वर्ष मनपा आयुक्त ने परिवहन विभाग को केवल 160 करोड़ देने का मानस जताया हुआ है जिसका उल्लेख 13 को पेश होने वाले बजट में उजागर होगा।
पहले ही नुकसान में चल रहे परिवहन विभाग के अनुदान में कटौती करने से विभाग के अधिकारियों के माथे पर बल पड़ने लगे है। सूत्रों के अनुसार भले ही आयुक्त ने अनुदान घटाया हो लेकिन स्थायी समिति की ओर से प्रस्तुत होने वाले आम बजट से पहले परिवहन सभापति द्वारा दिए जाने वाले बजट में अनुदान बढ़ाने की डिमांड की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार परिवहन समिति सभापति की ओर से उनके बजट में स्थायी समिति से 200 करोड़ का अनुदान देने की मांग होने जा रही है। अधिकारियों की मानें तो 1-2 दिनों में पेश होनेवाले परिवहन प्रशासन के संभावित बजट में भले ही यह आंकड़ा प्रदर्शित न हो लेकिन बाद में सभापति द्वारा दिए जाने वाले संशोधित बजट में इसका उल्लेख किया जाएगा।
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परिवहन अंतर्गत बसों के संचालन में कुछ नए आयाम जोड़ने का संकल्प है जिसके लिए निधि की आवश्यकता होगी। यहीं कारण है कि स्थायी समिति से यह राशि मांगी जाएगी। इस संदर्भ में स्थायी समिति सभापति से भी चर्चा होने तथा सकारात्मक रूख दिखाई देने के संकेत अधिकारियों ने दिए।
परिवहन समिति सभापति की ओर से उनके बजट में आय बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा जिसके लिए बस स्टाप पर होर्डिंग्स लगाने के नए विकल्प पर मंथन किया जा रहा है। बताया जाता है कि इस संदर्भ में अंतिम निर्णय लगभग हो चुका है। सिटी में सैकड़ों बस स्टाप है जहां होर्डिंग्स का विकल्प दिया जा सकता है जिससे परिवहन विभाग को अच्छी आय होने की उम्मीद है।
बताया जाता है कि मोरभवन से बसों के संचालन के दौरान कई तरह की परेशानियां होती है। यहां तक कि लोगों को खड़े रहने के लिए अच्छे शेड, पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं, यहां तक कि दिन भर बसों की आवाजाही से धुल के गुब्बारे उड़ते रहते हैं। इसे देखते हुए मोरभवन बस डिपो का कायाकल्प करने के लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।