प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Child Death By Turpentine: महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। वाठोडा थाना क्षेत्र के बिडगांव इलाके में मात्र दो साल के एक मासूम बच्चे की लापरवाही और छोटी सी चूक के कारण जान चली गई। मृतक बच्चे की पहचान अद्विक शाम भदाडे के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, भदाडे परिवार ने कुछ दिनों पहले ही अपने घर का रंग-रोगन (पेंटिंग) करवाया था। घर की दीवारों को पेंट करते समय पेंट को पतला करने के लिए टरपेंटाइन (Turpentine Oil) का इस्तेमाल किया गया था। काम खत्म होने के बाद कुछ टरपेंटाइन बच गई थी, जिसे एक बोतल में भरकर घर के स्टोर रूम में रख दिया गया था।
दुर्घटना वाले दिन, घर के सभी सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। इसी दौरान छोटा अद्विक खेलते-खेलते स्टोर रूम की तरफ चला गया। वहां उसे टरपेंटाइन की बोतल दिखाई दी। नासमझी और प्यास के कारण बच्चे ने उसे पानी समझ लिया और बोतल से टरपेंटाइन गटक लिया।
टरपेंटाइन पीने के कुछ ही देर बाद अद्विक की हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह छटपटाने लगा। जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए। मासूम को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे बिडगांव परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
टरपेंटाइन, जिसे आम भाषा में ‘तारपीन का तेल‘ भी कहा जाता है, एक अत्यधिक ज्वलनशील और जहरीला रासायनिक पदार्थ है। इसका उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न कार्यों में होता है।
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डॉक्टरों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल (जैसे फिनाइल, एसिड, टरपेंटाइन या कीटनाशक) को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर और ऊंचाई पर रखना चाहिए। बच्चों को पारदर्शी बोतलों का आकर्षण होता है और वे अक्सर इन्हें पानी या कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लेते हैं। नागपुर की वाठोडा पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।