मनपा का केजी टू पीजी प्लान फेल, अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं देने का वादा हवा हवाई
Nagpur News: नागपुर महानगर पालिका का केजी से लेकर पीजी तक पढ़ाई में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुविधाएं देने का प्लान अब फेल होता नजर आ रहा है। मनपा आयुक्त ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर न्यूज
Nagpur NMC News: नागपुर महानगर पालिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर की नर्सरी से लेकर बहुविषयक उच्च शैक्षणिक सुविधाएं निर्माण करने की प्रक्रिया शुरू होने का एक वर्ष पूर्व किया गया प्लान फेल होता दिखाई दे रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मनपा आयुक्त द्वारा जोर-शोर से इसकी घोषणा तो की गई किंतु अब मौन साधा गया है।
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान एवं विश्वविद्यालय निर्माण के लिए मनपा ने वाठोडा स्थित 18.35 हेक्टेयर भूमि लीज पर देने का निर्णय लिया था। इच्छुक कम्पनियों से आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) भी मंगाए गए थे।
पीएमसी हो चुकी है नियुक्त
यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशीप (पीपीपी) की तर्ज पर सार्वजनिक निजी भागीदारी तत्व पर क्रियान्वित की जानी है। सरकार के शहर विकास विभाग की अधिसूचना के अनुसार वाठोडा में 18.35 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक निकाय के उपयोग के लिए आरक्षित रखी गई थी जहां पूर्व प्राथमिक शिक्षा नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षा कार्यक्रमों तक शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्रकल्प को साकार करने के उद्देश्य से पहले ही एक्सीनों कैपिटल सर्विसेज संस्था को पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सलाहकार) के रूप में नियुक्त किया जा चुका है।
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30 वर्ष की होगी लीज
टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नामांकित शिक्षण संस्थाओं को पहली बार 30 वर्ष की लीज पर भूमि का आवंटन होगा। इसके बाद 2 बार 30-30 वर्ष की लीज बढ़ाई जाएगी। 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से किराया बढ़ाने की भी शर्त रखी गई है। 18.35 हेक्टेयर भूमि में से 16.35 हेक्टेयर भूमि उच्च शिक्षा के लिए तथा 2 हेक्टेयर भूमि प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक शैक्षणिक स्तर के लिए स्थापित की जाएगी। सिटी के लोगों को इसका लाभ हो, इसी उद्देश्य से सीटों के आरक्षण और शुल्क को टेंडर की शर्तों में ही शामिल कर किए जाने का दावा भी किया गया था।
पाठ्यक्रम तय करने का संस्थान को अधिकार
टेंडर में पहले 30 वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद चयनित संस्था को अगले 30-30 वर्ष की अवधि बढ़ाकर देने का प्रावधान रखा गया था। परियोजना में 2 हेक्टेयर क्षेत्र में विद्यालय, 16 हेक्येटर में यूनिवर्सिटी या यूनिवर्सिटी का एक ऑफ कैम्पस केंद्र स्थापित करने की योजना थी।
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इसमें कुल प्रस्तावित क्षमता 4040 छात्रों की तय की गई थी। 50 प्रतिशत व्यावसायिक पाठ्यक्रम तथा 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम टेंडर पाने वाले शैक्षणिक संस्थान को अपनी पसंद से तय करने का विकल्प रखा गया था। अंतरराष्ट्रीय मानक शैक्षणिक संस्थान में शहरवासियों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखने और शैक्षणिक शुल्क में 20 प्रतिशत की छूट मिलने की भी घोषणा की गई थी।
