नागपुर मनपा बजट पर हंगामा, आखिर बढ़ा नगरसेवकों का वार्ड फंड; सदन ने दी मंजूरी
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा के 6,202 करोड़ रुपये के बजट पर सत्ता और विपक्ष में तीखी बहस हुई। चर्चा के बाद नगरसेवकों के वार्ड फंड को बढ़ाकर 35 लाख रुपये करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मनपा, बजट, वार्ड फंड, महापौर, नगरसेवक,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur NMC Budget Ward Fund: नागपुर महानगरपालिका के सदन में 2 दिन पहले 6,202 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया गया। प्रशासक काल के 4 वर्ष बाद हुए इस पहले बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी और विस्तृत चर्चा हुई। जहां सत्ता पक्ष ने इसे सिटी के विकास और जनकल्याण का दस्तावेज बताया, वहीं विपक्ष ने इसे अवास्तविक और ‘आंकड़ों का खेल’ करार दिया।
सदन में युवाओं के रोजगार, शहर के बुनियादी ढांचे, नगरसेवकों के वार्ड फंड और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन हुआ जिसमें चर्चा के दौरान सभी नगरसेवकों द्वारा रखे गए सुझावों पर मत व्यक्त करते हुए बाल्या बोरकर ने नगरसेवकों का वार्ड फंड 35 लाख करने का सुझाव रखा जिसे स्वीकार कर सदन की सहमति से महापौर नीता ठाकरे ने इसे मंजूर घोषित कर दिया।
सीमेंट रोड और स्लम विकास पर हो फोकस : बाल्या बोरकर
66 सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर ने ने मनपा द्वारा किए जा रहे मूलभूत विकास और आय बढ़ाने के प्रयासों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि शहर में 900 करोड़ की लागत से सीमेंट की सड़कें बनाई जा रही है। इसके अलावा 75 मैदानों और 75 गार्डन्स के लिए 95 करोड़ रखे गए है, उन्होंने बताया कि जीपीएस (GPS) मैपिंग के जरिए 20,000 नई प्रॉपर्टीज खोजी गई हैं जिससे टैक्स बढ़ेगा।
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इसके अलावा राज्य सरकार से लेआउट पास करने के अधिकार मनपा को मिल गए हैं जिससे मनपा की आय में 100 से 200 करोड़ की बढ़ोतरी होगी। स्लम (झोपडपट्टी) क्षेत्रों के विकास के लिए बजट बढ़ाकर 212 करोड़ कर दिया गया है। तंग गलियों और झोपडपट्टियों में ड्रेनेज सफाई के लिए 1.200 लीटर की नई सक्शन जेटिंग मशीनें भी लाई गई है। उन्होंने कहा कि अम्बाझरी स्थित डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए शासन की ओर से 10 करोड़ की निधि मंजूर की गई है।
मनपा बजट नहीं, ‘आंकड़ों की है बाजीगरी’ : संजय महाकालकर
कड़ी आलोचना करते हुए इसे शहर की जनता को केवल विपक्ष नेता संजय महाकालकर ने बजट के प्रावधानों की सपने दिखाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल मनपा की आमदनी केवल 3,300 करोड़ तक ही पहुंच सकी थी और सरकार से 800-900 करोड़ का अनुदान भी नहीं मिला, इसलिए 6.202 करोड़ का यह नया बजट पूरी तरह अवास्तविक है।
उन्होंने मनपा के नगर रचना विभाग को सबसे भ्रष्ट बताया और आरोप लगाया कि यहां बिना ‘पूजा-पाठ (रिश्वत) के फाइले आगे नहीं बढ़तीं। उन्होंने मनपा स्कूलों के तेजी से बंद होने पर चिंता जताई।
उन्होंने मांग की कि गरीब बच्चों के लिए सीबीएसई पैटर्न के अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले जाएं और शिक्षा विभाग को मजबूत किया जाए, बारिश के मौसम और ड्रेनेज की जर्जर स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने 25 लाख के वार्ड फंड को अपर्याप्त बताया और इसे बढ़ाकर 50 लाख करने की मांग की। सर्वधर्म समभाव का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की कि ताजुद्दीन बाबा की दरगाह पर होने वाले बड़े उत्सवों के लिए भी बजट में विशेष निधि का प्रावधान होना चाहिए।
सदन कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और बढ़ाया जाए वार्ड फंड : आभा पांडे
वरिष्ठ नगरसेविका आभा पांडे ने सदन में बजट का समर्थन करते हुए इसे एक ‘जनकल्याणकारी’ बजट बताया जिसमें बालकों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षा और स्वास्थ्य को छुआ गया है। उन्होंने मांग की कि अमरावती और अकोला की तर्ज पर मनपा सदन की कार्यवाही का भी सीधा प्रसारण होना चाहिए, ताकि जनता अपने जनप्रतिनिधियों का काम देख सके।
इसके लिए उन्होंने तुरंत 2 करोड़ का प्रावधान करने को कहा। उन्होंने ‘माहेर घर’ योजना, साइकिल बैंक योजना, पीली-काली मारबत महोत्सव के लिए 2 करोड़ की निधि और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर जैसी पहलों की जमकर तारीफ की।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि 65-70 हजार मतदाताओं वाले प्रभाग के लिए 25 लाख का वार्ड फंड बहुत कम है। उन्होंने इसे बढ़ाने की अपील की, ताकि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं दी जा सकें। उन्होंने मनपा द्वारा बोतल बंद पानी बेचने की घोषणा का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जब तक जनता को 24 घंटे पानी नहीं मिलता तब तक पानी बेचने की जरूरत नहीं है।
