रिसर्च में चमके नागपुर यूनिवर्सिटी के MSc छात्र, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान; 19 पेटेंट हासिल

Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय के भौतिकशास्त्र विभाग के 11 एमएससी विद्यार्थियों ने 19 पेटेंट हासिल किए। शोध और नवाचार में विभाग को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली।
Nagpur University MSc Students Excel in Research, Earn National Recognition; Secure 19 Patents
नागपुर विश्वविद्यालय, भौतिकशास्त्र विभाग, पेटेंट उपलब्धि,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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MSc Students Nagpur University : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भौतिकशास विभाग के एमएससी के 11 विद्यार्थियों ने विभाग प्रमुख डॉ. संजय डोबले के मार्गदर्शन में कुल 19 पेटेंट प्राप्त किए, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन सभी 19 पेटेंट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने में डॉ. डोक्ले को सफलता मिली है।

एमएससी की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को शोध का प्रशिक्षण देकर वर्तमान सामाजिक समस्याओं तथा शैक्षणिक रूप से आवश्यक विषयों पर अनुसंधान के लिए प्रेरित किया गया। विभाग प्रमुख के मार्गदर्शन में विद्यार्थी शोधपत्र, पेटेंट तथा विभिन्न परिषदों में शोधपत्र प्रस्तुति का कार्य उत्साहपूर्वक कर रहे हैं। इसी कारण भौतिकशास्त्र विभाग के विद्यार्थी अनुसंधान के माध्यम से विश्वविद्यालय को उच्च स्थान पर पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

शोध के प्रति रुचि विकसित होने के बाद यही विद्यार्थी आगे पीएचडी करने तथा विदेशों में पोस्ट डॉक्टरेट के लिए भी आगे आ रहे हैं। अब तक डॉ. ढोबले 16 विद्यार्थियों को पोस्ट डॉक्टरेट के लिए विदेश भेज चुके हैं। इसमें उनके साथ कार्य करने वाले अन्य शोधकर्ता भी शामिल हैं। सत्र 2024-25 में भी एमएससी के 12 विद्यार्थियों के 16 पेटेंट को मान्यता मिली थी।

रिसर्च के लिए जा रहे विदेश

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एमपसनी के कुल 11 विद्यार्थियों ने 19 पेटेंट पर कार्य किया। इनमें हिमानी लांजेवार, बहुत गायधने गायत्री बरडे, ऋतिका गाली, कनी डोनेकर, सेजल फाटे, सुमित कुमार पांडे, नदन रामगोणवार, वैष्णरी गोटे, सिद्धेश्वर नागपुरे तथा प्रियांका चरडे शामिल है। सिद्धेश्वर नागपुरे और प्रियकर चरडे ने एमएससी पूर्ण होते ही शोध कार्य जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। विभाग के विद्यार्थी पेटेंट के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, यह वास्तव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की दिशा में सकारात्मक संकेत है।

स्नातकोत्तर शिक्षा के साथ शोध कार्य के कारण यहां के विद्यार्थी आगे विदेशों में भी अनुसंधान कार्य करने के लिए जा रहे हैं जो विभाग की बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर उपकुलपति डॉ. मनाती क्षीरसागर, उपकुलपति डॉ. अखिलेश पेशवे तथा कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे में विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक डॉ. संजय दोषले का अभिनंदन किया।

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