नागपुर. वरिष्ठ नागरिक पुरुषोत्तम पुट्टेवार (82) की सुपारी किलिंग में अब और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पुरुषोत्तम की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू अर्चना मनीष पुट्टेवार (53) को गिरफ्तार किया था। अर्चना गड़चिरोली में नगर रचना विभाग की सहायक संचालक है लेकिन अब इस मामले में अर्चना के भाई प्रशांत एम. पार्लेवार की गिरफ्तारी हुई है।
प्रशांत राज्य के मध्यम व सूक्ष्म लघु उद्योग विभाग का डायरेक्टर है। प्रशांत के अलावा पुलिस ने अर्चना की पीए बैरामजी टाउन निवासी पायल नागेश्वर को भी गिरफ्तार किया है। संपत्ति को लेकर शासकीय उच्च पदों पर तैनात भाई-बहन की नीयत इस कदर खराब हो गई कि एक वृद्ध की हत्या करवा दी। प्रशांत की गिरफ्तारी से एमएसएमई क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब तक इस मामले में 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कस्टडी खत्म होने के बाद अर्चना जेल पहुंच गई है, जबकि नीरज ईश्वर निमजे (30), सचिन मोहन धार्मिक (29) और चैतन्येश्वरनगर निवासी सार्थक साहबराव बागड़े (29) पहले से पुलिस की गिरफ्त में हैं। सार्थक को मंगलवार की दोपहर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 जून तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं। प्रशांत और पायल को पुलिस बुधवार को न्यायालय में पेश करेगी। एक और आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है।
सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने बताया कि करोड़ों रुपयों की संपत्ति को लेकर पार्लेवार परिवार में विवाद चल रहा था। अर्चना की ननद उसी के भाई प्रवीण से ब्याही थी। प्रवीण की दुर्घटना में मौत होने के बाद से पुरुषोत्तम ही उसका सहारा थे। ससुराल की करोड़ों की संपत्ति से योगिता को दूर रखा गया था, इसीलिए पुरुषोत्तम ने पार्लेवार परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस भी दायर किया था। ऊंटखाना परिसर में पार्लेवार परिवार की 6,000 वर्गफुट जमीन है। इस जमीन पर अर्चना और प्रशांत मिलकर मॉल बनाने वाले थे लेकिन इस पर भी पुरुषोत्तम ने केस दायर किया था। इसके अलावा भी अन्य संपत्तियों पर योगिता को हिस्सा मिले, इसीलिए पुरुषोत्तम ने केस डाल रखा था। इस वजह से अर्चना और प्रशांत बौखलाए हुए थे। दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
6 महीने पहले प्रशांत ने ही सार्थक बागड़े को ड्राइवर बनाकर अर्चना के पास काम पर रखा। आरोपी सचिन धार्मिक ज्वेलरी बॉक्स बनाने का काम करता है। उससे भी प्रशांत की पहचान थी। उसने अपने प्लान में सचिन को भी शामिल किया। उससे बीयर बार का लाइसेंस दिलाने का वादा किया था। आरोपियों को रकम और जेवरात पायल के माध्यम से दिए गए थे। पायल ने समय-समय पर उन्हें नकद और जेवरात दिए थे। सार्थक की गिरफ्तारी के बाद प्रशांत और पायल का नाम सामने आया और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब इस प्लान में संकेत नामक युवक के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
सीपी ने बताया कि काफी लंबे समय से आरोपी पुरुषोत्तम को मारने का प्लान बना रहे थे। अर्चना के साथ पूरी वारदात में प्रशांत भी मास्टरमाइंड है। प्रशांत के निर्देशानुसार ही आरोपी पुरुषोत्तम की रेकी कर रहे थे। 22 मई को आरोपियों ने पुरुषोत्तम को कार से उड़ाया था लेकिन इसके पहले भी 8 और 16 मई को 2 बार उन्हें मारने का प्रयास किया गया था। तब आरोपी विफल हो गए थे।
सूत्रों के अनुसार अर्चना ने नगर रचना विभाग में काम करते हुए करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बनाई है। बैरामजी टाउन के जिस फ्लैट में पायल रहती है वह भी अर्चना का है। इसके अलावा अर्चना ने 2 फ्लैट और 1 फार्महाउस भी खरीदा है। वड़सा के एक व्यापारी के माध्यम से बेनामी संपत्ति खरीदे जाने का भी पता चला है। काली कमाई से बनाई गई संपत्ति की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा करवाई जाएगी। पुलिस जल्द ही इस संबंध में एसीबी को पत्र भेजने वाली है।