नागपुर मिहान में 2,000 करोड़ का एयरोस्पेस हब: 121 एकड़ में बनेगा डिफेंस पार्क, एक हजार नौकरियों का लक्ष्य

Nagpur MIHAN Aerospace Hub: नागपुर मिहान में 121 एकड़ जमीन पर एयरोस्पेस और डिफेंस हब विकसित हो रहा है। एमएडीसी के इस 2,000 करोड़ के प्रोजेक्ट से 1,000 रोजगार मिलेंगे और अनोखा बैरिकेडिंग सिस्टम बनेगा।
Nagpur Defence Manufacturing Hub
सावनेर में बनेगा डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस कॉरिडोर (सोर्स: AI)
Published on: 
Updated on: 

Highlights

  • MIHAN में 121.229 एकड़ जमीन पर एयरोस्पेस और डिफेंस हब विकसित करने की योजना है।

  • महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) ने निवेश प्रस्तावों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की है।

  • जमीन आवंटन के 10 वर्षों के भीतर कम से कम 2,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

  • परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1,000 रोजगार सृजित करने की योजना है।

  • भूखंड के लिए 66 साल की लीज और करीब 279.64 करोड़ प्रीमियम निर्धारित बताया गया है।

Nagpur Defence Manufacturing Hub: नागपुर एयरसाइड टैक्सीवे परियोजना के तहत मिहान की 121.229 एकड़ भूमि पर एयरोस्पेस और डिफेंस हब विकसित किया जाएगा। महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत मिहान में विमानों की आवाजाही के साथ सार्वजनिक सड़क के इस्तेमाल को लेकर भी विशेष व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

मिहान के अधिसूचित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के बाहर स्थित इस भूखंड पर एयरोस्पेस एवं डिफेंस कंपोनेंट्स, विमान निर्माण, असेंबली और संबंधित विनिर्माण गतिविधियों का औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने के लिए महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) ने प्रस्ताव आमंत्रित किए थे।

एमएडीसी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितनी कंपनियों ने इस परियोजना के प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन यह कहा है कि प्रस्तावों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमएडीसी इस परियोजना के लिए बड़े घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दे रही है।

एयरोस्पेस और डिफेंस कंपोनेंट्स, विमान निर्माण

इसमें जमीन आवंटन के - 10 वर्षों के भीतर कम से कम 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया - गया है। महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) के अनुसार भूखंड का विवरण प्लॉट नंबर 8, सेक्टर 10, मिहान के सेज क्षेत्र के बाहर दिया गया है।

इसका क्षेत्रफल लगभग 4,90,596.79 वर्गमीटर यानी करीब 121.229 एकड़ है। इस प्रोजेक्ट के प्रस्तावित उपयोग में एयरोस्पेस और डिफेंस कंपोनेंट्स, विमान निर्माण, असेंबली और संबंधित औद्योगिक गतिविधियां शामिल हैं।

इस परियोजना के तहत जमीन आवंटित होने के 10 वर्षों के भीतर कम से कम 2,000 करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा। इसके साथ कम से कम 1,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Nagpur Defence Manufacturing Hub
RSS के गढ़ में बीजेपी को बड़ा झटका, MLC चुनाव में अभिजीत वंजारी की जीत से मिटा कांग्रेस के जीरो का कलंक

सड़क उपयोग के बीच तालमेल बनाने के प्रबंध

करीब 121.229 एकड़ के औद्योगिक भूखंड के समानांतर 15 मीटर चौड़ी सार्वजनिक सड़क भी बनाई जाएगी, विमान के प्रस्तावित टैक्सीवे से आने-जाने के दौरान इस सड़क पर अस्थायी वैरिकेड लगाकर आम लोगों की आवाजाही को रोका जाएगा।

इस प्रस्तावित सड़क को संवटर 10 की तीन-लेन सड़क से मिहान सेज के बाहर सेक्टर 6 स्थित प्लॉट नंबर 1 तक जौडा जाएगा, प्राप्त जानकारी के अनुसार विमान की आवाजाही के समय अस्थायी बैरिकेड लगाकर सड़क से सर्वजनिक आवाजाही को रोका जाएगा, ताकि विमान का आवागमन सुरक्षित और निर्वाध रह सके, विमान की आवाजाही पूरी होते ही सड़क पर लगाए गए प्रतिबंध हटाकर उसे फिर से आम उपयोग के लिए खोल दिया जाएगा।

इस व्यवस्था ही स्पष्ट है कि प्रस्तावित परियोजना में विमानन परिचालन और सार्वजनिक सड़क के उपयोग के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध करना होगा, हालांकि सड़क और टैक्सीवे की अंतिम अलाइनमेंट तथा परिचालन संबंधी विस्तृत व्यवस्था संबंधित प्राधिकरणों की स्वीकृति के अनुसार तय होगी।

Nagpur Defence Manufacturing Hub
नागपुर एयरपोर्ट का बड़ा धमाका: द ऑरेंज रूट से सीधे जुड़ेंगे 4 बड़े शहर, जानिए फ्लाइट्स का पूरा शेड्यूल

280 करोड़ का प्रीमियम निर्धारित

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना में जमीन 66 वर्षों की लीज पर आवंटित की जाएगी। भूखंड के लिए निर्धारित लीज प्रीमियम दर 5,700 रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है।

प्रस्तावित क्षेत्रफल और दर के आधार पर इसका कुल प्रीमियम लगभग 279।64 करोड़ रुपये होगा। यह निर्धारित प्रीमियम निवेशक को 2,000 करोड़ रुपये की निवेश राशि के अतिरिक्त जमीन आवंटन के बदले महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) को देना होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com