

Adani Airports Equity Capital Raise: अडानी ग्रुप की एयरपोर्ट कंपनी अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स से 1 अरब डॉलर यानी करीब 8,300 करोड़ रुपये की नई इक्विटी कैपिटल जुटाई है। इस इन्वेस्टमेंट के बाद कंपनी का इक्विटी वैल्यूएशन बढ़कर करीब 19 अरब डॉलर हो गया है।
इसके साथ ही कंपनी दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनियों में शामिल हो गई है। टेमासेक, ब्लैकरॉक, अल्फा वेव ग्लोबल और प्रेमजी इन्वेस्ट जैसे बड़े इन्वेस्टर्स ने इस कैपिटल रेजिंग में हिस्सा लिया है।
नई कैपिटल जुटाने से पहले अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स का वैल्यूएशन करीब 18 अरब डॉलर था। अब 1 अरब डॉलर के इन्वेस्टमेंट के बाद कंपनी का पोस्ट-इन्वेस्टमेंट इक्विटी वैल्यू करीब 19 अरब डॉलर पहुंच गया है।
इस वैल्यूएशन के साथ कंपनी ने ग्लोबल एयरपोर्ट ऑपरेटर्स की लिस्ट में बड़ी छलांग लगाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, स्पेन की एना करीब 46 अरब डॉलर और एयरपोर्ट्स ऑफ थाईलैंड करीब 27 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ इससे आगे हैं।
इस इन्वेस्टमेंट डील के तहत ग्लोबल इन्वेस्टर्स का ग्रुप तीन अलग-अलग फेज में अडानी एयरपोर्ट्स के नए शेयर खरीदेगा। पूरी प्रोसेस पूरी होने के बाद इस इन्वेस्टर ग्रुप के पास कंपनी की करीब 5.54 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
कंपनी के ऑफिशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, डील का फाइनल फेज जुलाई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह फंडरेजिंग अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा जुलाई में जुटाए गए 15000 करोड़ रुपये के QIP के बाद हुई है।
अडानी एयरपोर्ट्स इस नई कैपिटल का इस्तेमाल अपने एयरपोर्ट नेटवर्क के मॉडर्नाइजेशन और एक्सपेंशन में करेगी। इसके तहत मौजूदा एयरपोर्ट की पैसेंजर कैपेसिटी बढ़ाने के साथ-साथ टर्मिनल और अन्य फैसिलिटीज को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
कंपनी एयरपोर्ट कैंपस में शॉप्स, होटल और अन्य कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी डेवलप करेगी। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग और पैसेंजर सर्विसेज जैसे नॉन-एविएशन बिजनेस को बढ़ाने की योजना है। कंपनी का लॉन्ग टर्म गोल सालाना पैसेंजर कैपेसिटी को 20 करोड़ यानी 200 मिलियन तक पहुंचाना है।
वर्तमान में अडानी एयरपोर्ट्स भारत में आठ एयरपोर्ट्स का ऑपरेशन करती है और एयरपोर्ट्स की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनियों में है। इसके नेटवर्क में मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है, जो देश के सबसे बिजी एयरपोर्ट्स में से एक है।
कंपनी के मुताबिक, उसके एयरपोर्ट्स भारत के कुल एयर पैसेंजर ट्रैफिक का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा हैंडल करते हैं। वहीं देश के एयर कार्गो ट्रैफिक में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत बताई गई है।
19 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ अडानी एयरपोर्ट्स ने फ्रांस की Group ADP को पीछे छोड़ दिया है, जिसका वैल्यूएशन करीब 13 अरब डॉलर बताया गया है। भारत की GMR एयरपोर्ट्स करीब 10.9 अरब डॉलर और चीन के शंघाई एयरपोर्ट करीब 8.8 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर बताए गए हैं।
हालांकि पैसेंजर नंबर के मामले में जीएमआर अभी भी आगे है, लेकिन कंपनी के वैल्यूएशन के लिहाज से अडानी एयरपोर्ट्स ने बढ़त हासिल कर ली है। यह इन्वेस्टमेंट भारतीय एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती प्राइवेट कैपिटल और एयरपोर्ट बिजनेस के एक्सपेंशन को भी दर्शाता है।