वालूज औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग निर्धारित समय सीमा में कराएं भूखंड नियमितीकरण कम शुल्क में नियमितीकरण का अवसर

CMRDA Abhay Yojana: वालूज औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड धारकों के लिए बड़ी राहत! CMRDA की अभय योजना के तहत अवैध निर्माण होंगे नियमित। 1 मई से शुरू हो रही विशेष छूट का लाभ उठाएं।
Industries in the Waluj Industrial Area should complete the regularization of their plots within the stipulated timeframe—an opportunity for regularization at a reduced fee
भूखंड नियमितीकरण प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन संगोष्ठी की फोटो (सोर्स: फाइल फोटो)
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Waluj Industrial Area Plot Regularization: छत्रपति संभाजीनगर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीएमआरडीए) ने वालूज औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों और भूखंड धारकों को कम दरों पर बेटरमेंट शुल्क भरकर भूखंड नियमितीकरण कराने का अवसर उपलब्ध कराया है । विभागीय आयुक्त तथा महानगर आयुक्त जी श्रीकांत ने औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी भूमि और निर्माण नियमित कराने का आह्वान किया है । उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2020 से पहले हुए अनधिकृत निर्माणों को ही नियमानुसार वैध किया जाएगा । जबकि इसके बाद के निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी ।

औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित हुआ मार्गदर्शन शिविर

वालूज स्थित मराठवाड़ा एसोसिएशन ऑफ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (एमएएसएसआईए) कार्यालय में भूखंड नियमितीकरण प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन संगोष्ठी आयोजित की गई । इस दौरान महानगर नियोजन अधिकारी हर्षल बाविस्कर, सहआयुक्त अंजली धानोरकर, उपमुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी साधना बांगर, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक करूणा खरात सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे ।

अनधिकृत निर्माणों से बढ़ रहा है बुनियादी सुविधाओं पर दबाव

बैठक को संबोधित करते हुए महानगर आयुक्त जी। श्रीकांत ने कहा कि वालूज एमआईडीसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना अनुमति के निर्माण हुए हैं । जिससे क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महानगर क्षेत्र के नियोजित और स्थायी विकास के लिए विकास योजनाओं में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियमों के विरुद्ध हुए निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी । साथ ही केवल 31 दिसंबर 2020 से पहले तक के निर्माणों को ही नियमित किया जाएगा । इसके बाद हुए निर्माणों को अवैध मानते हुए हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी ।

बिना प्रमाणपत्र बैंक नहीं देंगे ऋण

विभागीय आयुक्त ने कहा कि भूखंड नियमितीकरण प्रमाणपत्र और निर्माण अनुमति के अभाव में बैंकों को गृह ऋण स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं । भविष्य में अवैध निर्माणों को रोकने के लिए उद्योगों और भूखंड धारकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है ।

वालूज क्षेत्र बना औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र

उन्होंने कहा कि वालूज औद्योगिक क्षेत्र ने शहर के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है । इसी औद्योगिक प्रगति के कारण टोयोटा जैसी बड़ी कंपनियों ने यहां निवेश किया है, और छत्रपति संभाजीनगर को इलेक्ट्रिक व्हीकल कैपिटल के रूप में पहचान मिल रही है । उन्होंने उद्यमियों से क्षेत्र की अनियमितताओं को दूर कर इसे आदर्श औद्योगिक क्षेत्र बनाने में सहयोग करने की अपील की ।

शिकायतों के लिए विशेष सहायता केंद्र

उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और आवेदन स्वीकार करने के लिए मसिआ कार्यालय में सीएमआरडीए अधिकारियों द्वारा विशेष मार्गदर्शन सुविधा शुरू की गई है । अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी समाजविरोधी तत्व द्वारा परेशान किया जाता है । तो उद्यमी केवल संदेश भेजकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं । ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । प्राधिकरण ने जानकारी दी कि वालूज औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के 36 गांवों के लिए नई जलापूर्ति योजना, कचरा प्रबंधन परियोजना, अग्निशमन केंद्र निर्माण तथा सड़क विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे ।

भूमि रूपांतरण और अवैध हस्तांतरण के मामलों को भी मिलेगी राहत

बैठक में बताया गया कि श्रेणी-2 भूमि को गलत तरीके से श्रेणी-1 में परिवर्तित करने, बिना अनुमति हस्तांतरण अथवा बिक्री से जुड़े मामलों को भी भूखंड नियमितीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा । इस संबंध में तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा ।

अभय योजना के तहत शुल्क में विशेष छूट

सीएमआरडीए द्वारा अभय योजना के अंतर्गत भूखंड विकास नियमितीकरण शुल्क में विशेष रियायत दी गई है । योजना के अनुसार 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक बेटरमेंट शुल्क पर केवल 10 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा । इसके बाद 1 अगस्त 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक 50 प्रतिशत शुल्क देना होगा । वहीं 1 नवंबर 2026 से पूर्ण शुल्क लागू कर दिया जाएगा।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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