Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
Land Measurement Rules Maharashtra: राज्यभर में प्रलंबित भूमि मापन मामलों के निपटारे और नागरिकों को तेज सेवा देने के लिए राजस्व विभाग ने 200 निजी भू-मापकों की नियुक्ति की है। ये लाइसेंस प्राप्त निजी भूमापक 30 मार्च से मैदान में काम शुरू करेंगे। इससे जमीन मापन की प्रक्रिया अब 15 से 30 दिनों के भीतर पूरी हो सकेगी। यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बजट सत्र में दोनों सदनों में दी।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में कुछ हिस्सा, सीमांकन, अकृषक और गुंठेवारी जैसे भू-मापन संबंधी मामलों का निपटारा कर्मचारियों की कमी के कारण लंबित था। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने 2 निजी एजेंसियों के माध्यम से 200 लाइसेंस प्राप्त भू-मापकों को कार्यादेश दिया है जो 2 सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण पूरा करने के बाद काम शुरू करेंगे।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ढाई एकड़ से कम जमीन रखने वाले छोटे किसानों के लिए भू-मापन शुल्क को लेकर सरकार अलग और सहानुभूतिपूर्ण निर्णय पर विचार कर रही है।
राज्य की जिन 17-18 तहसीलों में जमीन मापन के मामले सबसे अधिक लंबित हैं, वहां पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। पहले चरण में प्रत्येक राजस्व विभाग से 3-3 तहसील चुनकर कुल 18 तहसीलों में यह योजना लागू होगी। इन क्षेत्रों में निजी भू-मापक और सरकारी अधिकारी मिलकर संयुक्त टीम के रूप में काम करेंगे। जमीन मापन के नक्शे, पंचनामा और जीआईएस विवरण सीधे सिस्टम में अपलोड किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें – वेस्ट से वेल्थ की ओर नागपुर! बायो-सीएनजी और आरडीएफ निर्माण से बदलेगा भांडेवाड़ी का चेहरा, जानें पूरा प्लान
अंतिम प्रमाणीकरण उप-अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय द्वारा ही किया जाएगा। यदि काम में कोई त्रुटि पाई गई तो संबंधित निजी भू-मापक के खिलाफ दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी लेकिन सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण, एकत्रीकरण या पुनर्मापन का काम निजी भू-मापकों को नहीं दिया जाएगा।