नागपुर सहित महाराष्ट्र में आपूर्ति विभाग के ज्यादातर पद खाली, गरीबों तक अनाज पहुंचने में संकट
Nagpur Ration Distribution Issue: नागपुर में PDS व्यवस्था संकट में है। 37 में से सिर्फ 3 अधिकारी कार्यरत हैं, बाकी पद खाली हैं, जिससे राशन वितरण प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर राशन व्यवस्था संकट,(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Food Supply Department: नागपुर महाराष्ट्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार राज्य में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में शहर अन्न धान्य वितरण अधिकारी तथा जिला आपूर्ति अधिकारी के कई पद लंबे समय से खाली हैं। विभाग ने भी स्वीकार किया है कि मंजूर पदों की तुलना में कम संख्या में अधिकारी कार्यरत हैं जिससे पूरे तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
सरकार की अधिकारियों की ‘वितरण प्रणाली’ खराब हो चुकी है जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं। यदि जल्द ही इन पदों पर नियुक्ति नहीं होती है तो इसका सीधा असर गरीबों को मिलने वाले राशन और अनाज वितरण की व्यवस्था पर पड़ सकता है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति व ग्राहक संरक्षण विभाग अंतर्गत राज्य में जिला आपूर्ति अधिकारी व धान्य वितरण अधिकारियों के कुल 37 पद शासन से मंजूर हैं लेकिन इनमें से सिर्फ 3 अधिकारी ही स्थायी रूप से कार्यरत हैं। शेष रिक्त पदों का काम फिलहाल अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर चलाया जा रहा है।
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नागपुर भी प्रभारी के भरोसे
नागपुर में भी एफडीओ और डीएसओ का कार्यभार कई वर्ष से अतिरिक्त प्रभार के भरोसे ही चल रहा है। इससे राशन वितरण प्रणाली पर असर पड़ता रहा है। राशनिंग से जुड़े जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में यदि आपूर्ति विभाग में इतनी भारी कमी रहेगी तो राशन दुकानों की निगरानी, अनाज का उठाव, वितरण की पारदर्शिता और शिकायतों के निपटारे जैसे काम प्रभावित होना तय है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाखों गरीच परिवार हर महीने सरकारी राशन पर निर्भर हैं। ऐसे में अधिकारियों की कमी से अनियमितता और भ्रष्टाचार बड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
ऐसे में विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। राशनिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि समय रहते रिक्त पद नहीं भरे गए तो आगे अनाज वितरण प्रणाली में देरी, निगरानी की कमी और लाभार्थियों को राशन मिलने में समस्याएं बढ़ सकती हैं।
6.86 करोड़ को रहती है सरकरी अनाज की आस
महाराष्ट्र राज्य सरकार के खाद, नागरी आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण विभाग के पास राज्य भर के 2 करोड़ 37 लाख 75 हजार 483 राशन कार्ड धारक है। इन राशन कार्ड धारक परिवारों की कुल सदस्य संख्या 9 करोड़ 41 लाख 55 हजार 426 है। इनमें से प्राधान्य गुट और अंत्योदय योजना के कार्ड धारकों को ही शासन की ओर से मुफ्त अनाज मिलता है।
सरकारी आकड़ों के अनुसार राज्य में प्राधान्य गुट योजना के 1 करोड़ 44 लाख 24 हजार 572 राशन कार्ड धारक है। इनकी लाभार्थी संख्या 5 करोड़ 87 लाख 88 हजार 754 है, जबकि अंत्योदय योजना के 24 लाख 87 हजार 990 कार्ड धारक है। इन कार्ड धारकों की लाभार्थी संख्या 98 लाख 89 हजार 10 है।
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इस प्रकार से राज्य में हर महीने 6 करोड 86 लाख 77 हजार 764 लोगों को मुफ्त अनाज दिया जाता है। ये लोग सरकार से मिलने वाले राशन पर निर्भर है। इन लाभार्थियों को राज्य में 52,895 राशन दुकानों के माध्यम से अनाज वितरित किया जाता है। इनमें नागपुर शहर और जिले की 1,996 दुकानों का भी समावेश है।
