

नागपुर: नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा को लेकर आज यानी 16 अप्रैल को कांग्रेस लोगों को स्नेह-भाईचारा के साथ रहने की अपील करते हुए दंगाग्रस्त इलाकों में सद्भावना शांति रैली निकालेगी। रैली में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, प्रदेश प्रभारी रमेश चेन्निथला भी शामिल होने वाले हैं। इस बीच कांग्रेस की सद्भावना शांति रैली को लेकर महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने निशाना साधा है।
नागपुर में कांग्रेस की सद्भावना शांति रैली निकालने पर महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा कि वे एक बार फिर अशांति फैला रहे हैं। नागपुर में अभी पूरी तरह शांति है। कहीं कोई घटना नहीं हो रही है।
बता दें कि नागपुर में 17 मार्च को औरंगजेब की क्रब हटाने को लेकर विहिप और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद मुस्लिम पक्ष और हिंदू पक्ष में झड़प हो गई थी। इसके बाद यहां हिंसा हुई। नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा कि हाल ही में ईद मनाई गई, उसके बाद रामनवमी थी। फिर हनुमान जयंती थी। 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर जयंती थी। रामनवमी के दौरान मुस्लिम युवाओं ने फूलों की वर्षा की और गले मिले। इसलिए, नागपुर में पूरी तरह शांति है।
प्यारे खान ने कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर आप कुछ करना चाहते हैं, तो रैली निकालने की कोई जरूरत नहीं है। परेशान लोगों के पास जाएं, उनकी मदद करें, उनसे बात करें। उन निर्दोष लोगों की मदद करें जो गलत तरीके से सलाखों के पीछे हैं।
उन्होंने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि पुलिस से, सरकार से बात करें। दंगाइयों को जेल में डाला जाना चाहिए, लेकिन निर्दोषों को सलाखों के पीछे नहीं रखा जाना चाहिए। यह राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश है, यह ठीक नहीं है।
इधर रैली के ठीक पहले कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि औरंगजेब की कब्र के मुद्दे पर विवाद पैदा करने का काम सत्ताधारियों ने किया। नागपुर में दंगा हुआ, यह भी इनका ही पाप है। उन्होंने कहा कि नागपुर में सभी जाति-धर्म के लोग रहते हैं। इसके पूर्व ऐसी परिस्थिति कभी नहीं थी। दो समुदायों में द्वेष नहीं था। दो समाजों के बीच भाजपा ने जो दूरी निर्माण की है, उसे कम करने के लिए कांग्रेस सद्भावना यात्रा निकाल रही है।