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महाराष्ट्र निकाय चुनाव के बदले नियम, 6 महीने में जमा करें जाति प्रमाणपत्र, नहीं तो सीट होगी रद्द!

Nikay Chunav: महाराष्ट्र स्थानीय स्वराज्य चुनावों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ओबीसी उम्मीदवारों को 6 महीने में जाति वैधता प्रमाणपत्र देना होगा, वरना उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Nov 06, 2025 | 11:39 AM

निकाय चुनाव के बदले नियम (सौजन्य-सोशल मीडिया)

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Maharashtra Local Body Elections: स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव (नगर परिषद और नगर पंचायत) के लिए प्रचार शुरू हो चुका है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे के कारण 4 साल बाद चुनाव हो रहे हैं। आरक्षित वर्ग से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम अपडेट किया गया है।

जाति वैधता प्रमाणपत्र के नियम में बदलाव

अनिवार्य आवश्यकता : अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से चुनाव लड़ने वालों को जाति वैधता प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है।

अवधि में कमी : पहले यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए एक वर्ष का समय दिया जाता था लेकिन अब सरकार द्वारा इस अवधि को घटाकर केवल 6 महीने किए जाने की जानकारी मिली है।

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परिणाम : यदि कोई विजयी उम्मीदवार निर्धारित 6 महीने की अवधि के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा नहीं करता है तो उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

वैधता प्रमाणपत्र केवल 3 कारणों से : शासन ने स्पष्ट किया है कि जाति वैधता प्रमाणपत्र केवल 3 कारणों से दिया जाता है जिनमें से एक चुनाव है। अन्य 2 कारण नौकरी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए हैं।

आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेजों के साथ जाति वैधता प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के पास आवेदन करना चाहिए।

यह भी पढ़ें – मनपा चुनाव: अब 22 नवंबर तक दे सकेंगे आपत्तियां, चुनाव आयोग ने बढ़ाई समयसीमा

1 जुलाई की मतदाता सूची स्वीकार

स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसी तरह, जिले में कई नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष के पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसलिए, कुछ ने महिलाओं को मैदान में उतारने की तैयारी की थी। इसके लिए, कुछ शादी की तैयारी कर रहे थे। कुछ ने शादी भी कर ली।

राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए 1 जुलाई की मतदाता सूची को स्वीकार कर लिया है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने स्पष्ट किया कि केवल वे ही संबंधित क्षेत्र में चुनाव लड़ सकेंगे जिनके नाम सूची में हैं। इसलिए, 1 जुलाई के बाद निर्वाचन क्षेत्र में आई महिलाएं चुनाव नहीं लड़ पाएंगी, इसलिए उन्हें और उनके पतियों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनावों का कार्यक्रम घोषित हो चुका है और चर्चा है कि अगले चरण में जिला परिषद और नगर निगमों के चुनाव होंगे।

Maharashtra local body elections obc caste validity rule change

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Published On: Nov 06, 2025 | 11:39 AM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Maharashtra Local Body Elections
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