विदर्भ को 84.8 करोड़ तो महाबलेश्वर अकेले को 64.6 करोड़; शहरी विकास फंड आवंटन में नागपुर का दबदबा
Vidarbha Infrastructure Fund: विदर्भ के बुनियादी ढांचे के लिए 84.81 करोड़ मंजूर। नागपुर को मिला 72.38 करोड़ का सबसे बड़ा हिस्सा। नरखेड़, काटोल और मोवाड में बनेंगे सीमेंट रोड।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर न्यूज
Nagpur Urban Development: महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा हाल ही में जारी एक शासनादेश के अनुसार राज्य भर के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए कुल 381 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से विदर्भ क्षेत्र के हिस्से में 84.81 करोड़ आए हैं जिसका एक बड़ा भाग (लगभग 85%) अकेले नागपुर जिले के खाते में गया है।
नागपुर का दबदबा
नागपुर जिले को कुल 72.38 करोड़ आवंटित किए गए हैं। नागपुर जिले की नरखेड़, काटोल और मोवाड नगर परिषदों को सबसे अधिक लाभ मिला है। यह फंड केंद्र सरकार की ‘राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (2025-26) योजना’ के तहत दिया गया है। स्वीकृत राशि का उपयोग मुख्य रूप से 15 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों, सीमेंट कंक्रीट सड़कों, सीवर लाइनों और आवासीय क्षेत्रों को एमआईडीसी जोन से जोड़ने वाले कॉरिडोर के निर्माण के लिए किया जाएगा।
विदर्भ के जिलों का आवंटन विवरण
| जिला | नगर परिषद | आवंटित राशि (करोड़ में) |
| नागपुर | नरखेड़, काटोल, मोवाड | 72.38 |
| यवतमाल | घाटंजी | 10.42 |
| गोंदिया | गोंदिया | 1.49 |
| अकोला | बालापुर | 0.52 |
| कुल विदर्भ | 84.81 |
अन्य क्षेत्रों की स्थिति
यद्यपि विदर्भ को 84.8 करोड़ मिले हैं लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों जैसे मराठवाड़ा (नांदेड़, लातूर, परभणी) और पश्चिमी महाराष्ट्र (लोनावला, महाबलेश्वर) को भी भारी आवंटन प्राप्त हुआ है। अकेले महाबलेश्वर को नागरिक सुविधाओं के लिए 64.6 करोड़ की मंजूरी मिली है।
सम्बंधित ख़बरें
सुनेत्रा का मास्टर स्ट्रोक: राकांपा में जिम्मेदारी का बंटवारा, पार्थ को मुंबई-दिल्ली, जय संभालेंगे पुणे
नागपुर: भारत दुर्गा मंदिर का भव्य भूमि पूजन, मोहन भागवत और गडकरी की मौजूदगी में बागेश्वर बाबा ने दिया बड़ा बयान
मीरा-भाईंदर: टेंबा अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं का बड़ा घोटाला उजागर, मंत्री सरनाईक का सख्त एक्शन
दर्यापुर SBI शाखा में पासबुक प्रिंटिंग मशीन ठप अजय, सतीश
यह भी पढ़ें – कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना! शिंदे की ‘कैद’ से पार्षद आजाद, होटल से निकलकर सीधे पहुंचे हाईकमान
कड़े नियम और शर्तें
- काम की लागत बढ़ने पर राज्य सरकार कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देगी।
- परियोजनाओं का थर्ड-पार्टी टेक्निकल ऑडिट अनिवार्य है।
- काम के विभिन्न चरणों की जियो-टैग्ड तस्वीरें और उपयोग प्रमाण पत्र समय पर जमा करने होंगे।
- निर्माण के बाद गुणवत्ता और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय निकायों की होगी।
