नासिक-नागपुर-धाराशिव बैंकों को 827 करोड़ की शेयर पूंजी, फडणवीस कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले
Maharashtra Cabinet Decisions: महाराष्ट्र कैबिनेट ने 5 बड़े फैसले लिए है। ग्रामीण जिला बैंकों को नया जीवनदान देने के मकसद से 827 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश को मंजूरी दी गई।
- Written By: आकाश मसने
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Cabinet Decisions Rural Banking Finance: महाराष्ट्र की महायुति सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण बैंकिंग, न्यायपालिका की सुरक्षा, वित्त आयोग और जलसंपदा परियोजनाओं से जुड़े 5 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खासकर ग्रामीण जिला बैंकों को नया जीवनदान देने के मकसद से 827 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश को मंजूरी दी गई।
नासिक, नागपुर और धाराशिव जिले के तीन केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCB) को इससे वित्तीय मजबूती मिलेगी। ये निर्णय ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायपालिका की सुरक्षा बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और मराठवाड़ा क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
सहकारी बैंकों को मिलेंगे 827 करोड़ रुपए
ग्रामीण वित्तीय आपूर्ति को मजबूत करने और किसानों को फसल ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य मंत्रिमंडल ने तीन जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण और पुनरुद्धार के लिए कुल 827 करोड़ रुपए की सरकारी सहायता को मंजूरी दी है। इसमें नासिक जिला बैंक को 672 करोड़ रुपए, नागपुर जिला बैंक को 81 करोड़ रुपए और धाराशिव जिला बैंक को 74 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
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उल्लेखनीय यह है कि नासिक जिला बैंक को चालू वित्त वर्ष में ₹336 करोड़ और अगले वित्त वर्ष में ₹336 करोड़ मिलेंगे। इसी तरह से धाराशिव जिला बैंक की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए, मंत्रिमंडल ने इसके निदेशक मंडल को भंग करने और प्रशासक नियुक्त करने के लिए सहकारिता आयुक्त को निर्देश देने को भी मंजूरी दी है।
न्यायालय और न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान
राज्य के सभी न्यायालयों एवं न्यायाधीशों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती का निर्णय बैठक में लिया गया। राज्य के न्यायालय परिसर और न्यायाधीशों/न्यायमूर्तियों के आवासों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त 8,282 सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
इनमें 4,742 सुरक्षा कर्मी न्यायालयों के लिए तथा 3,540 सुरक्षा कर्मी न्यायाधीशों के आवासों के लिए तैनात किए जाएंगे। ये सुरक्षा गार्ड महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल (एमएसएससी) उपलब्ध कराएगा।
सुरक्षाकर्मियों के वेतन के लिए 443 करोड़ 24 लाख 84 हजार 560 रुपए के प्रावधान किया गया है। यह निर्णय औरंगाबाद खंडपीठ में दाखिल एक जनहित याचिका के बाद लिया गया, जिसमें अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे।
मार्च 2026 तक लागू रहेंगी पांचवें वित्त आयोग की सिफारिशें
बैठक में पांचवें महाराष्ट्र वित्त आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन काल को एक वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक लागू रखने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र पांचवें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करने की अवधि में एक साल का विस्तार किया है।
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नए (छठे) वित्त आयोग की स्थापना मार्च 2025 में की गई थी, लेकिन उसके अध्यक्ष मुकेश खुल्लर के निधन के कारण कार्य प्रभावित हुआ। अब डॉ. नितिन करीर को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले अगले पांच वर्षों के लिए सिफारिशें पेश करेगा। इस अंतर को भरने के लिए पांचवें आयोग की अवधि बढ़ाई गई है।
हिंगोली में दो जलसंपदा परियोजनाओं को मंजूरी
हिंगोली जिले में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दो लघु भंडारण परियोजनाओं के लिए फंड को बैठक में मंजूरी दी गई। हिंगोली स्थित दिग्रस भंडारण परियोजना के लिए ₹90 करोड़ 61 लाख का फंड मंजूर किया गया है। इससे 603 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
इसी तरह सेनगांव स्थित सुकली भंडारण परियोजना के लिए ₹124 करोड़ 36 लाख का फंड मंजूर किया गया है। इससे 677 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इन परियोजनाओं से संबंधित तालुकाओं में स्थायी कृषि और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं से दिग्रस, लोहगांव, दाटेगांव को लाभ मिलेगा। इससे पेयजल की समस्या का समाधान होगा और औद्योगिक व कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा। दोनों परियोजनाएं गोदावरी मराठवाड़ा पाटबंधारे विकास महामंडल के अंतर्गत चलाई जाएंगी।
