CHB भर्ती में देरी पर प्राध्यापकों का आक्रोश, नागपुर विश्वविद्यालय पर सवाल; महासंघ ने सरकार को घेरा
RTM Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में CHB प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर प्राध्यापक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए रिक्त पदों पर भर्ती की मांग दोहराई है
- Written By: अंकिता पटेल
सीएचबी भर्ती, नागपुर विश्वविद्यालय, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Faculty Recruitment: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से संलग्नित महाविद्यालयों में घंटे के आधार पर (सीएचबी) प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं होने पर महाराष्ट्र अंशकालीन प्राध्यापक संगठन तथा प्राध्यापक पदभरती महासंघ ने नाराजगी व्यक्त की है। महासंघ के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद लेंडे खैरगांवकर ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के 17 अक्टूबर 2022 के शासन निर्णय की अनदेखी की जा रही है। नियुक्ति प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
महासंघ की शुरुआत से ही राज्य में प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत भर्ती की मांग रही है। इस संबंध में अनेक आंदोलन और मोर्चे भी निकाले गए, लेकिन सरकार ने इस पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया, इसके बजाय सरकार ने केवल 5,012 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की घोषणा की, जबकि सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में 600 पद भरे जाने की बात उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कही थी।
अतिरिक्त कार्यभार का भी निर्धारण नहीं
खैरगांवकर ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत अनेक नए विषय शुरू किए गए हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति और अतिरिक्त कार्यभार का निर्धारण नहीं किया गया है। सरकार एक ओर 40 प्रतिशत प्राध्यापक पदों पर भर्ती की बात कर रही है, वहीं शेष 60 प्रतिशत रिक्त पदों के बारे में कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है।
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महासंघ का कहना है कि इन रिक्त पदों को भरने के लिए महाविद्यालयों में घंटे के आधार पर प्राध्यापकों की नियुक्ति तत्काल की जानी चाहिए, इसके लिए महाविद्यालयों द्वारा कार्यभार निर्धारण के बाद सहसंचालक कार्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया जाता है। 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है, लेकिन अब तक नागपुर सहसंचालक कार्यालय में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है।
