कामठी न.प.के पूर्व अध्यक्ष और सीओ को राहत, हाई कोर्ट ने दी अंतरिम अग्रिम जमानत
Kamthi Municipal Council case: कामठी नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष व सीओ को निविदा अनियमितता मामले में नागपुर हाई कोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत मिली।
- Written By: आंचल लोखंडे
हाई कोर्ट (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur News: कामठी नगर परिषद की निविदा आवंटन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष और मुख्य अधिकारी को राहत मिली है। नागपुर उच्च न्यायालय ने दोनों को अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की है। कामठी (पुराना) पुलिस थाने में तत्कालीन मुख्य अधिकारी संदीप बोरकर और तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद शफात अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी, 166, 182, 201, 212, 218, 409, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
दोनों ने गिरफ्तारी से पहले अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति रजनीश व्यास ने सुनवाई के बाद जिलाधिकारी द्वारा पहले ही दिए गए आदेश का हवाला देते हुए दोनों को राहत प्रदान की। बोरकर की ओर से अधिवक्ता महेश धात्रक ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से सहायक सरकारी वकील एच.डी. फुटाने ने पैरवी की।
जिलाधिकारी के पास अपील
एफआईआर के अनुसार मामला कामठी नगर परिषद द्वारा जारी निविदा प्रक्रिया से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने कथित अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी के पास अपील दायर की थी। जिलाधिकारी ने 25 जून 2021 को जांच के बाद आदेश दिया था कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और किसी भी प्रकार का ठोस तथ्य सामने नहीं आया है।
अदालत ने इस तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि चूंकि शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी के आदेश को किसी अन्य न्यायालय में चुनौती नहीं दी, इसलिए यह आदेश फिलहाल प्रभावी है।
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शिकायतकर्ता के खिलाफ भी मामला दर्ज
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेश धात्रक ने बताया कि याचिकाकर्ता संदीप बोरकर ने भी शिकायतकर्ता के खिलाफ 12 जुलाई 2021 को आईपीसी की धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की तत्काल हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है। अदालत ने उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करने और निजी मुचलके पर राहत प्रदान करने का निर्देश दिया।
