मकान था या ताश के पत्तों का महल… नागपुर में जेसीबी के छूते ही भरभराकर गिरी जर्जर इमारत
Nagpur Itwari: नागपुर के इतवारी में JCB की हल्की टक्कर से जर्जर मकान भरभराकर गिर गया। घटना के बाद मनपा की कार्रवाई और शहर की खतरनाक इमारतों को लेकर फिर सवाल उठने लगे।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, इतवारी, जर्जर मकान, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Itwari Dilapidated Building: मध्य नागपुर के इतवारी इलाके में मंगलवार दोपहर एक जर्जर मकान के गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुराना भंडारा रोड पर तीन नल चौक के आगे स्थित यह इमारत इतनी जर्जर और शिकस्त अवस्था में थी कि जेसीबी मशीन के मात्र छूते ही वह भरभराकर जमींदोज हो गई। इस घटना ने एक बार फिर महानगरपालिका की घोर लापरवाही और शहर में मौजूद अनगिनत जर्जर मकानों से नागरिकों पर मंडराते जानलेवा खतरे को उजागर कर दिया है।
किरायेदारी विवाद के कारण रुकी थी कार्रवाई
3 मंजिला मकान शब्बीरभाई का था जहां उनकी एक पुरानी इलेट्रिक की दुकान हुआ करती थी। यह मकान खाली अवस्था में था लेकिन इसके पिछले हिस्से में कुछ विवादास्पद किरायेदारों के होने के कारण इसे ढहाने की कार्रवाई लंबे समय से प्रलंबित थी, वर्तमान में सड़क से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
हालांकि इस गिरे हुए मकान का पिछला हिस्सा और इसके आस-पड़ोस के कई अन्य मकान अभी भी बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। जान जोखिम में, खौफ में नागरिक पुराना भंडारा रोड पर चौड़ीकरण से पूर्व ही ऐसे कई पुराने मकान खतरे की घंटी बने हुए हैं।
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इस क्षेत्र में हमेशा भारी आवागमन रहता है जिसके कारण जर्जर इमारतों के साए में स्थानीय नागरिक और राहगीर खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि केवल तीन नल चौक से लेकर शहीद चौक तक के एक छोटे से हिस्से में ही 15 से 20 मकान बेहद जर्जर हालत में हैं।
महज नोटिस थमाकर पल्ला झाड़ रहा प्रशासन
इस पूरे मामले में महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग रहे हैं। प्रशासन ऐसे खतरनाक मकानों के मालिकों को मात्र नोटिस पर नोटिस देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है और खुद को मामले से अलग कर लेता है।
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इन जर्जर इमारतों को गिराने की ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, यह एक गंभीर जांच का विषय है। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण हर दिन राहगीरों की जान जोखिम में रहती है। यदि नागपुर मनपा ने जल्द ही इन खतरनाक इमारतों पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया तो भविष्य में किसी बड़े और जानलेवा हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
