मुंबई साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, 10 करोड़ की व्हाट्सएप डीपी ठगी का खुलासा; 6 आरोपी गिरफ्तार
Mumbai Cyber Crime News: मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने कंपनी के डायरेक्टर की फर्जी व्हाट्सएप डीपी से ₹10 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 6 आरोपियों को 3 राज्यों से गिरफ्तार किया है।
- Written By: रूपम सिंह
मुंबई साइबर सेल (फोटो.सोशल मीडिया)
Mumbai Cyber Cell: मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त बजरंग बत्ता के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर एक कंपनी से 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले की जांच अभी जारी है और मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
चार राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में एक साथ कार्रवाई की। महाराष्ट्र के जालना से ज्ञानेश्वर ठोके, जबकि बिहार के सीवान से बीरेंद्र कुमार भगत और रंजन कुमार खरवार को गिरफ्तार किया गया। वहीं दिल्ली की तिहाड़ जेल से विकास उपेंद्र बिंद, वंश सुमित मनोचा और फैयाज शब्बीर हुसैन आलम को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।
फर्जी व्हाट्सएप डीपी से दिया झांसा
पुलिस जांच के अनुसार, शिकायतकर्ता के व्हाट्सएप पर कंपनी के निदेशक की तस्वीर लगी एक प्रोफाइल से संदेश भेजा गया। आरोपी ने खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए कहा कि वह एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त है और तत्काल कुछ बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करनी है।
सम्बंधित ख़बरें
मेयो अस्पताल में ACB का एक्शन, मेडिकल बोर्ड प्रमाणपत्र के बदले रिश्वत! नागपुर में डॉक्टर समेत 2 गिरफ्तार
अकोला मनपा कर रहा है मानसून की तयारी; शहर में जारी होगी 42 E Bus, डॉ. सुनील लहाने ने दी नवभारत को जानकारी
मुंबई लोकल के 75 लाख यात्रियों की सुरक्षा पर संकट, RPF और GRP में 2,559 पद खाली, हर चौथा पद रिक्त
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार के बाद UP कनेक्शन आया सामने, 25 साल से आगरा की एक ही प्रेस से छपते थे पेपर
व्हाट्सएप प्रोफाइल और संदेश को असली समझकर शिकायतकर्ता ने कंपनी के एचडीएफसी बैंक खाते से निर्देशानुसार अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जांच में पता चला कि यह पूरी योजना साइबर ठगों द्वारा रची गई थी।
यह भी पढ़ें:- मुंबई लोकल के 75 लाख यात्रियों की सुरक्षा पर संकट, RPF और GRP में 2,559 पद खाली, हर चौथा पद रिक्त
ठगी के पैसों से खरीदा गया सोना
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ठगी की रकम का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित ज्वैलर्स से सोना खरीदने में किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो स्मार्टफोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
मुंबई पुलिस की साइबर सेल अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने इसी तरह की अन्य साइबर ठगी की वारदातों को भी अंजाम दिया हो सकता है। साथ ही लोगों और कंपनियों से अपील की गई है कि केवल व्हाट्सएप संदेश के आधार पर किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित अधिकारी से स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य करें।
