नागपुर का गौरव: निजी रॉकेट विक्रम-1 की सफल उड़ान में सोलर इंडस्ट्रीज ने निभाई अहम भूमिका
Skyroot Aerospace Rocket: देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल उड़ान में नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज ने अहम भूमिका निभाई। कंपनी ने रॉकेट के लिए ठोस ईंधन, सुरक्षा प्रणाली तैयार किए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, विक्रम-1, स्काईरूट एयरोस्पेस, प्रतीकात्मक तस्वीर(सोर्स: AI फोटो)
Vikram 1 Skyroot Aerospace Rocket Propellant: हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकट विक्रम 1 की सफल अंतरिक्ष उड़ान में नागपुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस रॉकेट में इस्तेमाल किया गया रॉकेट प्रोपेलेंट (ठोस ईंधन) सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने तैयार किया है। रक्षा और व्यावसायिक विस्फोटक बनाने वाली इस निजी कंपनी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सोलर इंडस्ट्रीज स्काईरूट एयरोस्पेस के शुरुआती निवेशकों में भी शामिल रही है।
विक्रम-1 की सफलता में नागपुर की अहम भूमिका
कंपनी ने विक्रम-1 के विकास के दौरान स्काईरूट के साथ मिलकर काम किया और नागपुर के पास स्थित अपनी परीक्षण सुविधा में रॉकेट के कई स्टैटिक ट्रायल (स्थिर परीक्षण) भी किए। सोलर ग्रुप स्काईरूट को उन्नत चरण (एडवांस्ड स्टेज) के लिए सॉलिड रॉकट प्रोपेलेंट तथा हीट-माउंटेड सेफ्टी एक्ट्यूएटर भी उपलब्ध कराता है।
यह सुरक्षा प्रणाली मुख्य ईंधन स्त्रोत के सक्रिय होने से पहले एक सुरक्षा अवरोध (बैरियर) बनाती है जिससे रॉकेट के गलती से प्रज्वलित होने या निर्धारित मार्ग से भटकने का जोखिम कम हो जाता है।
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स्टैटिक टेस्ट के दौरान रॉकेट को परीक्षण प्लेटफॉर्म (टेस्ट बेड) से मजबूती से बांध दिया जाता है, ताकि वह गलती से उड़ान न भर सके। इस परीक्षण के जरिए रॉकेट द्वारा उत्पन्न श्रस्ट (धक्का देने वाली शक्ति) और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन किया जाता है। यह प्रक्रिया वास्तविक उड़ान परीक्षण से पहले की जाती है।
हमारे लिए बेहद गर्व और भावनाओं से भरा क्षण
इस मिशन की सफलता पर सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ मनीष नुवाल ने कहा कि ‘विक्रम-1’ को सफलतापूर्वक उड़ान भरते और अपने निर्धारित प्रक्षेप पथ पर आगे बढ़ते देखना हम सभी के लिए बेहद गर्व और भावनात्मक क्षण है।
शुरुआती निवेशकों के रूप में हमने स्काईरूट के सह-संस्थापकों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका की दूरदृष्टि और नेतृत्व पर भरोसा जताया था, स्काईरूट में हमारा निवेश भारत के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व वाले एक मजबूत स्वदेशी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान देने के उद्देश्य से किया गया था।
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सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में हमारे विशेष प्रोपेलेट का ऑर्बिटल लॉन्च जैसी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन करना हमारी टीम की विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग, निर्माण क्षमता और तकनीकी दक्षता का प्रमाण है। सोलर ग्रुप भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता और तकनीकी संसाधनों का लगातार विस्तार कर रहा है।
