लुटेरी ईरानी टोली का भंडाफोड़: नकली पुलिस का गिरोह पकड़ा गया, 1 आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार
Irani Gang Busted: नागपुर में नकली पुलिस बनकर लूट की वारदात करने वाली कुख्यात ईरानी टोली का तहसील पुलिस ने पर्दाफाश किया, 1 आरोपी परली बैजनाथ गिरफ्तार, जबकि बाकी सदस्य फरार हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
लुटेरी ईरानी टोली का भंडाफोड़ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Crime: नागपुर शहर में नकली पुलिस बनकर लूट की वारदात करने वाली कुख्यात ईरानी टोली का तहसील पुलिस ने पर्दाफाश किया। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य को संभाजीनगर स्थित ईरानी मोहल्ला से गिरफ्तार किया। अरेस्ट आरोपी का नाम परली बैजनाथ, जिला बीड निवासी बाघर अली अहमद अली (34) बताया गया है। गिरोह के बाकी सदस्य अब भी फरार हैं जिनकी तलाश के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है।
फरार आरोपियों के नाम नासिर अली, हाफिज अली, असदुल्ला अब्रु अली और सकलेन अली बताए गए हैं। पिछले महीने 9 नवंबर को इस गिरोह ने जरीपटका, तहसील, धंतोली और हुड़केश्वर थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मी बनकर एक ही दिन में चार लूट की वारदातों को अंजाम दिया था, जिसमें कुल 3.70 लाख रुपये मूल्य के सोने और गहने लूटे गए थे। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने गिरोह की पहचान की।
आरोपी को हिरासत में
तहसील पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए चार दिनों तक सादे कपड़ों में ट्रैप बिछाया। परली बैजनाथ की मोबाइल लोकेशन परली रेलवे स्टेशन के पास स्थित पेट्रोल पंप पर मिली, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी बाइक लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, जिस पर पीछे एक छोटा बच्चा भी सवार था। पुलिस ने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती के पीआई पर पत्नी को सड़क पर मारने का आरोप, डाबकी रोड पुलिस थाने में शिकायत
अंधश्रद्धा फैलाने वाले भोंदू बाबा गिरफ्तार, बच्चों पर अमानवीय प्रयोग, पुलिस ने अमरावती से पकड़ा
प्रतिबंधित प्लास्टिक और अस्वच्छता फैलाने वालों पर कार्रवाई, मनपा स्वच्छता विभाग ने वसूला 36 रु. हजार जुर्माना
गैस सिलेंडर की कमी से नागरिक त्रस्तलक्ष्य पूरा नहीं, लंबी कतारें और कालाबाजारी जारी
ये भी पढ़े: राज्य का स्वाभिमान ‘दिल्लीश्वर’ के पास गिरवी, प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने फडणवीस सरकार पर साधा निशाना
पुलिस कस्टडी देने से इनकार
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के परिजनों ने पुलिस टीम का विरोध किया, जिससे हाथापाई हुई और सिपाही रसूल शेख भी घायल हुए। जांच में खुलासा हुआ कि यह ईरानी टोली महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुकी है। गिरोह एक संगठित नेटवर्क की तरह कार्य करता है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन अदालत ने पुलिस कस्टडी देने से इनकार कर उसे जेल भेज दिया।
