नागपुर: शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से बड़ी मुक्ति; अब सिर्फ शनिवार को ही स्कूलों से मांगी जाएगी जानकारी
Nagpur Education Department: स्कूलों से रोजाना जानकारी मांगने की व्यवस्था खत्म कर अब सप्ताह में केवल शनिवार को रिपोर्ट ली जाएगी। इससे शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलेगी।
- Written By: अंकिता पटेल
शैक्षणिक कार्य, स्कूल रिपोर्टिंग, शिक्षा विभाग,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Teachers Workload: नागपुर जिले के वरिष्ठ कार्यालयों की ओर से स्कूलों से प्रति दिन विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन और ऑफलाइन जानकारी मांगे जाने के कारण शिक्षकों के शिक्षण कार्य पर असर पड़ रहा था। लंबे समय से शिक्षक संगठनों द्वारा यह शिकायत की जा रही थी कि उन्हें शैक्षणिक कार्यों की तुलना में गैर-शैक्षणिक कामों में अधिक समय देना पड़ता है।
अब राज्य सरकार ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ‘जानकारी का दिन शनिवार’ निर्धारित करने का निर्णय लिया है जिससे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य के शिक्षा आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने सभी विभागीय उपनिदेशकों, शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों से मांगी जाने वाली ऑनलाइन और ऑफलाइन जानकारी अब प्रति दिन नहीं बल्कि सप्ताह में केवल एक बार शनिवार को ही ली जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद राज्यभर में लागू होगी ‘जानकारी का दिन शनिवार’ योजना
कुछ जिलों में सफल रहा पायलट प्रयोग वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित रिपोर्ट स्कूलों को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से प्रस्तुत करनी पड़ती है। इसके अलावा जिला, तहसील और केंद्र स्तर पर भी अलग-अलग प्रकार की जानकारी मांगी जाती है।
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इससे शिक्षकों का काफी समय जानकारी एकत्रित करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने में खर्च हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए प्राथमिक शिक्षा संचालनालय ने राज्य के कोल्हापुर जिले के पन्हाला, बीड़ जिले के आष्टी, नंदुरबार जिले के अक्कलकुवा और गड़चिरोली जिले के एटापल्ली तालुका के एक-एक केंद्र में ‘जानकारी का दिन शनिवार’ योजना का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयोग किया था।
इस प्रयोग के तहत सप्ताहभर में मांगी गई सभी जानकारी प्रत्येक शनिवार को एक साथ प्रस्तुत की गई। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब इसे व्यापक स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षकों ने किया स्वागत
महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति, नागपुर के जिलाध्यक्ष लीलाधर ठाकरे ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे शिक्षकों को बार-बार जानकारी संकलन और प्रस्तुत करने के कार्य से राहत मिलेगी।
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परिणामस्वरूप वे विद्यार्थियों के अध्यापन और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने वाले कार्यों पर अधिक समय दे सकेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय का स्थानीय स्तर पर सख्ती से पालन होना आवश्यक है तभी इसका वास्तविक लाभ शिक्षकों को मिल पाएगा।
