
नागपुर महानगरपालिका मना रही अपना अमृत महोत्सवी वर्ष। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हैदराबाद हाउस, नागपुर में नागपुर नगर निगम के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बनाए गए लोगो का अनावरण किया। नागपुर शहर की जनता की सेवा के लिए ‘पौर जन हिताय’ ब्रीदवाक्य के साथ दिन-रात काम करने वाली मनपा की स्थापना 2 मार्च, 1951 में हुई थी।
मनपा इस वर्ष मार्च महीने से अपना अमृत महोत्सवी वर्ष मना रही है। इसके निमित्त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों बोधचिन्ह का अनावरण किया गया। अब मनपा के सभी पत्र व्यवहार व अन्य कामकाज में इस चिन्ह का उपयोग होगा। बोधचिन्ह का अनावरण हैदराबाद हाउस स्थित सीएम सचिवालय में किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज हैदराबाद हाऊस, नागपूर येथे नागपूर महापालिकेच्या अमृतमहोत्सवी वर्षानिमित्त तयार करण्यात आलेल्या बोधचिन्हाचे (लोगो) अनावरण केले. नागपूर शहरातील नागरिकांच्या सेवेत ‘पौर जन हिताय’ हे ब्रिदवाक्य घेऊन अहोरात्र काम करणाऱ्या नागपूर महापालिकेची… pic.twitter.com/OonfvswWhJ — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) April 20, 2025
इस अवसर पर विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, सीपी रविंद्र सिंगल, मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी, एनआईटी चेयरमैन संजय मीना, जिलाधिकारी विपिन इटनकर, अतिरिक्त आयुक्त वसुमना पंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि अपनी स्थापना से अब तक मनपा में 54 महापौर और 56 उप महापौर के साथ ही 50 आयुक्त अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उपराजधानी का दर्जा प्राप्त नागपुर में पहले सीएनसी एक्ट 1948 लागू था। अब सरकार के आदेश पर पूर्ण राज्य में एक ही कानून लागू किया गया है।
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वर्ष 1951 में मनपा में पहले प्रशासक के रूप में जी.जी. देसाई की नियुक्ति की गई थी। 1952 में चुनाव हुए और बैरिस्टर शेषराव वानखेड़े को पहला मेयर बनने का सम्मान मिला था। मनपा में आयुक्त के रूप में कार्य करने वाले जे.एस. सहारिया व मनु कुमार श्रीवास्तव को राज्य के मुख्य सचिव पद पर कार्य करने का सम्मान प्राप्त हुआ है। सीएम देवेंद्र फडणवीस भी दो बार महापौर रहे। विधायक कृष्णा खोपड़े, प्रवीण दटके, विकास ठाकरे, संदीप जोशी भी महापौर व उपमहापौर रह चुके हैं।






