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बालकनी और मार्जिनल स्पेस पर अतिक्रमण पड़ेगा भारी! नागपुर मनपा चलाएगी डिमोलिशन ड्राइव

Nagpur Illegal Construction: नागपुर में अवैध निर्माण, मार्जिनल स्पेस उल्लंघन व अवैध बालकनी के मामलों में मनपा कार्रवाई की तैयारी है। शुरुआती सर्वे में करीब 1400 संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Aug 06, 2026 | 12:42 PM

नागपुर शहर में अवैध निर्माण पर अतिक्रमण कार्रवाई (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)

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Marginal Space Violations Action: नागपुर शहर में अवैध निर्माण, मार्जिनल स्पेस के उल्लंघन और बालकनी निकालने जैसे मामलों को लेकर मनपा अब राज्य सरकार के जीआर के अनुसार कार्रवाई की तैयारी में है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को मनपा में सभी 10 जोन के कर अधीक्षकों की बैठक लेकर इसका डेटा तैयार करने की रूपरेखा निश्चित की गई।

हालांकि प्राथमिक स्तर पर सभी जोन से प्राप्त किए गए डेटा के अनुसार प्राथमिक स्तर पर 1400 सम्पत्तियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। अधिकारी की मानें तो यह आंकड़ा सिटी के लिहाज से भले ही कम दिखाई दे रहा हो लेकिन यह केवल वह डेटा है जिसे लेकर मनपा को शिकायतें प्राप्त हैं जबकि अवैध निर्माण का आंकड़ा लाखों में होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एक ओर जहां राज्य सरकार की ओर से इस संदर्भ में जीआर जारी किया गया वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की एक तरह से प्रक्रिया तय करके दी है।

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व्यावसायिक अवैध निर्माण को कोई राहत नहीं

अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हालांकि आवासीय अवैध निर्माण के लिए नियमों के अनुसार सम्पत्ति कर के दोगुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान तो है किंतु व्यावसायिक अवैध निर्माण को किसी तरह की राहत नहीं है।

उसे पूरी तरह से ध्वस्त ही किया जाना है। बताया जाता है कि यह दोगुना जुर्माना प्रति वर्ष का है। जितना कर हर वर्ष लगता है, उससे दोगुना जुर्माना लगाकर संबंधित विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। जुर्माना अदा करने भर से अवैध निर्माण नियमानुकूल नहीं हो सकेगा।

इसके लिए नियमों के अनुसार नक्शा मंजूर कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद के वर्ष में जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल में महापौर की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में टाउन प्लानिंग विभाग और प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के बीच अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा हुई थी।

बिना सर्वे के 1400 संपत्तियां रडार पर

जोन स्तर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगभग 1400 संपत्तियों की एक सूची तैयार की गई है जिनमें निर्माण नियमों का उल्लंघन पाया गया है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार टाउन प्लानिंग विभाग ने बिल्डिंग रेगुलेशन की जांच के लिए खुद से कोई स्वतंत्र या नियमित सर्व नहीं किया है, ये आंकड़े केवल उन मामलों पर आधारित है जहां लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अतिरिक्त स्लम विभाग के अवैध निर्माण के आंकड़े इसमें शामिल नहीं है। उनकी सूची अलग से तैयार की गई है।

SC की SOP का करना होगा पालन

अवैध इमारतों पर ‘बुलडोजर कार्रवाई’ को लेकर अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का विशेष रूप से हवाला दिया है। सुप्रीम कोर्ट की एसओपी के अनुसार किसी भी इमारत को सीधे तौर पर अवैध घोषित कर तोड़ा नहीं जा सकता। इसके लिए बाकायदा मेजरमेंट लेना, उल्लंघन वाले हिस्से की जांच करना और एसओपी का पालन करते हुए ही जुर्माना लगाना या तोड़क कार्रवाई करना अनिवार्य है।

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट पर उठ रहे सवाल

विभिन्न विभागों के बीच चल रही इस खीचतान के कारण ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी होने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। वर्तमान में बिना ओसी के संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रभावित है। जब तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं होगी तब तक रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।

यह भी पढ़ें:-गूंगी गुड़िया बयान पर नासिक में बवाल: NCP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हर्षवर्धन सपकाल से सार्वजनिक माफी की मांग

इसलिए अब चिल्डर और डेवलपर्स को नागपुर मनपा से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा, इस प्रमाणपत्र के रूप में निर्माणकार्य वैध है या नहीं, इसका आकलन भी होगा जिससे इस प्रक्रिया में कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Illegal construction action 1400 properties municipal corporation nagpur

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Published On: Aug 06, 2026 | 12:42 PM

Topics:  

  • Constructions
  • Illegal Encroachment
  • Maharashtra News
  • Municipal Corporation
  • Nagpur News
  • Urban Development

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