

Hingna Water Crisis: हिंगना तहसील की पानी संकट समीक्षा बैठक 5 जनवरी को पंचायत समिति सभागृह में विधायक समीर मेघे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपविभागीय अधिकारी वंदना सवरंगपत्ते, तहसीलदार रुणय जक्कुलवार, पूर्व जिला परिषद सदस्य उज्वला बोढारे, गट विकास अधिकारी (गट अ) संदीप गोलशलवार, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुशांत गाडेवार, संजय गांधी निराधार समिति अध्यक्ष नरेंद्र वाघ, पूर्व पंचायत समिति सदस्य लीलाधर पटले, जिला परिषद ग्रामीण जलापूर्ति उपविभाग की सहायक अभियंता रीता रामटेके सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में तहसील के जिला परिषद सर्कलवार सभी गांवों में जल नियोजन, संभावित पानी संकट तथा उससे निपटने के लिए अभी से उपाययोजना करने पर विस्तृत चर्चा की गई। सरपंचों एवं ग्राम अधिकारियों से सीधे संवाद कर कुओं का अधिग्रहण, गहरीकरण, बोरवेल फ्लशिंग व मरम्मत, पानी टंकियों तथा पाइपलाइनों की मरम्मत जैसे विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए।
इसके अलावा नंदिरा और कान्होली गांवों में विशेष प्रकरण के रूप में अन्य निधि से पानी संकट संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वडधामना, नागलवाड़ी, टाकलघाट, डिंगडोह-देवी, इसासनी सहित कुछ गांवों में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) की जलापूर्ति योजनाओं के कार्य जारी हैं, जिनमें कुछ पूर्ण तो कुछ अपूर्ण अवस्था में हैं। इस समीक्षा बैठक में एमजेपी का कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था, जिस पर स्वयं विधायक समीर मेघे ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की।
बैठक की प्रस्तावना गट विकास अधिकारी संदीप गोलशलवार ने रखी, जबकि संचालन शिक्षा विस्तार अधिकारी शोभने ने किया। बैठक में पंचायत विस्तार अधिकारी जीवन देशमुख, शेषराव चव्हाण, रमेश ढोक, गजेंद्र खोबे, ग्राम अधिकारी, उपसरपंच तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत तहसील के लगभग आधे गांवों में जलापूर्ति योजनाओं के कार्य रुके होने का मुद्दा कुछ सरपंचों द्वारा उठाया गया, जिस पर विषय बदल लेने की भूमिका विधायक सहित सभी ने अपनाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को विधायक समीर मेघे के हाथों प्रमाणपत्र देकर सरपंचों एवं ग्राम अधिकारियों का सम्मान किया गया।