नागपुर में आजीविका पर संकट? फुटपाथ दुकानदारों का मनपा पर हमला, ‘संविधान विरोधी’ कार्रवाई का आरोप
Nagpur Municipal Action: नागपुर मनपा मुख्यालय में हॉकर्स ने कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। फुटपाथ दुकानदारों ने प्रशासन पर कानून उल्लंघन और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मनपा प्रशासन को ज्ञापन,(सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा मुख्यालय में उस समय कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब हॉकर्स (फुटपाथ दुकानदारों) ने मनपा द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध जताते हुए हल्ला बोल प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र हॉकर फेडरेशन की अपील पर सोमवार को ‘फुटपाथ दुकानदार एवं साप्ताहिक बाजार संगठन कृति समिति’ ने महानगरपालिका के पदाधिकारियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया, ज्ञापन के माध्यम से शहर के फुटपाथ दुकानदारों और साप्ताहिक बाजार विक्रेताओं की उन ज्वलंत समस्याओं को उजागर किया गया है जिनका वे रोजाना सामना कर रहे हैं।
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप कृति समिति ने मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘संविधान विरोधी’ करार दिया है। समिति के प्रमुख जम्मू आनंद का आरोप है कि मनपा प्रशासन राजकीय नेताओं और मंत्रियों के दबाव में काम कर रहा है और देश के कानून का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहा है।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने 2014 में फुटपाथ दुकानदारों और साप्ताहिक बाजार विक्रेताओं की आजीविका को संरक्षण देने के लिए कानून बनाया था लेकिन वर्तमान में प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व इस कानून की धज्जियां उड़ाते हुए गरीबों से उनके जीने का सहारा छीन रहे हैं।
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सरकारी निर्देशों की अनदेखी का मुद्दा भी गरमाया
कृति समिति ने नागपुर मनपा प्रशासन को याद दिलाया कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान नगर विकास विभाग की उपसचिव विद्या अव्यमा ने पथ विक्रेताओं की मांगों पर बैठक आयोजित कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे लेकिन प्रशासन ने इसका भी पालन नहीं किया। समिति ने आग्रह किया है कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों पर प्रशासन एक आधिकारिक बैठक बुलाए और सिलसिलेवार चर्चा कर इसका उचित रास्ता निकाले।
समिति की ओर से अतिरिक्त आयुक्त अंकित, सत्तापक्ष के नेता बाल्या बोरकर, विपक्ष के नेता संजय महाकालकर तथा महापौर कार्यालय को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधि मंडल में जम्मू आनंद, किरण ठाकरे, संगीता बाघमारे, सुनील सूर्यवंशी, पुरुषोत्तम आकरे, संजय मेहर सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बेरोजगार कर रही मनपा, उठाई मांगें
कानून का क्रियान्वयन: शहर में ‘पथ विक्रेता (उपजीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय नियमन) अधिनियम 2014’ और ‘महाराष्ट्र नियम 2016’ को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
दुकानदारों को न उजाड़ें: मंत्रियों और नेताओं के दबाव में शहर के फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने की कार्रवाई तुरंत बंद की जाए।
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अनिवार्य सर्वेक्षण: कानून के प्रावधानों के मुताबिक हर 5 वर्ष में शहर के पथ विक्रेताओं और साप्ताहिक बाजार विक्रेताओं का अनिवार्य रूप से सर्वेक्षण किया जाए।
मूलभूत सुविधाएं: साप्ताहिक बाजारों में आने वाले विक्रेताओं और आम नागरिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं,
नैसर्गिक बाजार का दर्जा पच्चास वर्ष (50 साल) से पुराने बाजारों को ‘नैसर्गिक (प्राकृतिक) बाजार’ घोषित किया जाए।
