Nagpur News: आरपार की लड़ाई, निरंतर जारी है हलबा समाज का शृंखलाबद्ध अनशन
- Written By: नवभारत डेस्क
नागपुर. राष्ट्रीय आदिम कृति समिति द्वारा हलबा समाज के सभी राजनीतिक दलों के समाजसेवक, पूर्व पार्षदों की ओर से हलबा समाज को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण दिलाने हेतु बीते कुछ दिनों से शृंखलाबद्ध अनशन किया जा रहा है. हालांकि इसके पूर्व अनशन खत्म करने के नेताओं द्वारा प्रयास किए गए. आमरण अनशन को खत्म करने के लिए आश्वासन दिया गया. किंतु शीत सत्र के दौरान कोई ठोस निर्णय नहीं लिए गए. यही कारण है कि अब फिर एक बार आरपार की लड़ाई की घोषणाकर शृंखलाबद्ध अनशन शुरू किया गया. आश्चर्यजनक यह रहा कि हलबा समाज में अलग-अलग राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद समाज के लिए एक मंच पर आने का निर्णय लिया गया. जिससे अब आंदोलन को अधिक बल मिला है.
कोई भी दल नहीं दे रहा न्याय
आंदोलनकर्ताओं के अनुसार अब तक की सभी सरकारें हलबा समाज का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव में करते रहे हैं. सरकार में आने के बाद हलबा समाज के आरक्षण के बारे मे कोई भी पार्टी चर्चा नहीं करती है. न ही किसी तरह की प्रक्रिया शुरू की जाती है. यही कारण है कि सभी दलों के कार्यकर्ता राष्ट्रिय आदिम कृति समिति के मंच से संयुक्त रूप से सामूहिक शृंखलाबद्ध अनशन में शामिल हो रहे हैं. हलबा समाज महाराष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना राज्य में भी हैं. आंदोलनकारियों के अनुसार सरकार हमें अनुसूचित जनजाति में आरक्षण दें. बुनकर हमारी जात नहीं बल्कि हमारा व्यापार हैं. सरकारी विभाग के कर्मचारी अधिसंख्य पद पर न रखते हुए उन्हें नियमित करें और जिन्हें नौकरी से मुक्त किया है, उन्हें तुरंत वापस नौकरी पर लिया जाये.
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विधायक भी शामिल
उल्लेखनीय है कि समाज के हितों में चल रहे अनशन में हलबा समाज के एक मात्र भाजपा विधायक विकास कुंभारे ने भी शामिल होकर सरकार को संदेश दिया है. यदि सरकार ने हलबा समाज को न्याय नहीं दिया तो आने वाले सभी चुनाव मे लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका में सरकार को उनकी जगह दिखाने की चुनौती भी आंदोलनकारियों ने दी. जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक अनशन जारी रखने की वकालत भी की. पूर्व पार्षद रमेश पूणेकर, हेमंत बरडे, कल्पक भनारकर, राजेश घोडपागे, संजय मेंढेकर, सोनू वर्मा, अमृत भानुसे, चंद्रकांत वाघ, भास्कर पराते, मोहन कुंभारे, दिलीप धकाते, प्रवीण सोनकुसरे, योगेश गोन्नाडे, अर्जुन मोहाड़िक, पुष्पा किटाडीकर(पुणे), रविशंकर कुंभारे, दत्ताजी येवलेकर, महादेव निखार, मनोज हेड़ाऊ ने अनशन में हिस्सा लिया. पूर्व पार्षद प्रवीण भिसीकर, प्रेमलाल भांदककर, अश्विन अंजीकर, जितेंद्र मोहाड़ीकर, श्रावण खापेकर, दीपराज पार्डीकर, यशस्वी नंदनवार, ज्योति भिसीकर, विलास पराते, पुष्पा पाठराबे, गीता प्रचंड, गीता पार्डिकर, कांता पराते, किशोर पराते, जिजाबाई धकाते, छाया खापेकर, अजय दलाल, अलका दलाल सफलतार्थ जुटे हुए हैं.
