विदर्भ में 51,906 करोड़ की लागत से बनेंगे 547 KM के 4 नए एक्सप्रेसवे, जानिए इनके रूट और किसे होगा फायदा
Vidarbha 4 Expressway Project: महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 550 किमी लंबे 4 नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। जानिए इनके क्या होंगे रूट और किसे मिलेगा फायदा।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Vidarbha 4 Expressway Project Routes: महाराष्ट्र के विदर्भ के विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। विदर्भ में सड़क नेटवर्क बनाने के लिए राज्य सरकार ने 4 एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक के दौरान कुल 547 किलोमीटर लंबे 4 नए एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दी गई। इन राजमार्गों को पूरा करने के लिए दिसंबर 2028 की समय सीमा तय की गई है। ये चारों राजमार्ग विदर्भ के परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने के लिए तैयार हैं।
किन जिलों को फायदा होगा?
इन चार नए एक्सप्रेसवे का सीधा फायदा नागपुर, भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपुर और वर्धा जिले को मिलेगा। ये जिले हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे। इससे यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। इसके अलावा, गड़चिरोली के दूरदराज के इलाकों जैसे कोंसारी और सूरजगढ़ तक सड़क पहुंच का विस्तार होने से, वहां के स्थानीय लौह अयस्क खनन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
51,906.35 करोड़ रुपए की लागत से बनेंगे 4 एक्सप्रेसवे
बैठक में नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे, भंडारा-गड़चिरोली एक्सप्रेसवे, नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे, नवेगांव मोरे-कोंसारी से सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड रोड को मंजूरी दी गई। इन चारों प्रोजेक्ट्स के सिविल कामों की लागत 32,478 करोड़ है, जबकि कुल निर्माण लागत 51,906.35 करोड़ रुपए है। इन हाईवेज का निर्माण कार्य महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के जरिए किया जाएगा। ये सभी मार्ग विदर्भ के मुख्य केंद्रों को समृद्धि एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करेंगे, जिससे विदर्भ से कृषि उत्पादों को मुंबई जैसे बड़े बाज़ारों तक तेज़ी से और सीधे पहुंचाना संभव हो पाएगा।
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नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे
- कुल लंबाई: 162.377 km
- शुरू और खत्म होने के पॉइंट्स: गवासी मानपुर, नागपुर से सावरी, गोंदिया तक
- लेन की संख्या: 3+3
- इंटरचेंज: 9
- जमीन अधिग्रहण की ज़रूरत: 1634.27 हेक्टेयर
- यह एक्सप्रेसवे नागपुर, भंडारा और गोंदिया – इन 3 ज़िलों को जोड़ेगा।
भंडारा-गड़चिरोली एक्सप्रेसवे
- कुल लंबाई: 94.241 km
- शुरू और खत्म होने के पॉइंट्स: बोरगांव, ज़िला भंडारा से रुनमोचन, ज़िला चंद्रपुर तक
- लेन की संख्या: 3+3
- इंटरचेंज: 6
- जमीन अधिग्रहण की जरूरत: 1185.73 हेक्टेयर
- यह एक्सप्रेसवे भंडारा, गोंदिया और गड़चिरोली – इन 3 ज़िलों को जोड़ेगा।
नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे
- कुल लंबाई: 204.799 km
- शुरू और खत्म होने के पॉइंट्स: सेल्डोह, ज़िला वर्धा से नवेगांव मोरे (घाटकुल), ज़िला चंद्रपुर तक
- लेन की संख्या: 2+2
- इंटरचेंज: 7
- जमीन अधिग्रहण की जरूरत: 2159.087 हेक्टेयर
- यह एक्सप्रेसवे नागपुर और चंद्रपुर ज़िलों के 9 तालुकों को जोड़ेगा।
नवेगांव मोरे-कोंसारी से सूरजगढ़ ग्रीनफील्ड रोड
- कुल लंबाई: 85.765 km
- शुरू और खत्म होने के पॉइंट्स: नवेगांव मोरे (घाटकुल), ज़िला चंद्रपुर से मांगर, ज़िला गड़चिरोली तक
- लेन की संख्या: 2+2
- जमीन अधिग्रहण की जरूरत: 289.02 हेक्टेयर
- यह सड़क चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों के 4 तालुकाओं को जोड़ेगी।
नवेगांव मोरे से सुरजागढ़ रोड़ समृद्धि महामार्ग से जुड़ेगा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन प्रोजेक्ट्स के अगले चरणों में तेजी लाएं। ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के बीच एक अहम कड़ी का काम करेंगे और विदर्भ के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे। सीएम ने कहा कि नवेगांव मोरे से सुरजागढ़ तक का रास्ता जो खनिजों के परिवहन के लिए बेहद जरूरी है उसे समृद्धि महामार्ग से जरूर जोड़ा जाएं।
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इसके अलावा, अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पश्चिमी महाराष्ट्र को कोंकण क्षेत्र से जोड़ने वाली एक प्रस्तावित टनल रोड का अध्ययन करें और इस प्रोजेक्ट पर एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार करें। सीएम फडणवीस ने कहा कि बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देकर, राज्य एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहा है जिसकी पहचान एकीकृत, हाई-स्पीड और समावेशी विकास से होगी।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई पवार, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोंसले, मंत्री उदय सामंत, MoS एडवोकेट आशीष जायसवाल, MoS इंद्रनील नाईक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
