गरीबों को पट्टे वितरण का निभा रहे वादा, फडणवीस ने जताया संतोष

गरीब व्यक्ति को जब तक उसके आवास के लिए जमीन का अधिकार नहीं दिया जाता, तब तक गरीब व्यक्ति गरीबी से बाहर नहीं आ सकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कटिबद्ध होकर विकास की जिम्मेदारी पूरी की है। गरीबों को पट्टे वितरण का दिया गया वादा निभाने का संतोष उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जताया।
ownership rights to the slum dwellers, Devendra Fadnavis
गरीबों को पट्टों का वितरण करते हुए देवेंद्र फडणवीस
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नागपुर. गरीब व्यक्ति को जब तक उसके आवास के लिए जमीन का अधिकार नहीं दिया जाता, तब तक गरीब व्यक्ति गरीबी से बाहर नहीं आ सकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए कटिबद्ध होकर विकास की जिम्मेदारी पूरी की है। गरीबों को पट्टे वितरण का दिया गया वादा निभाने का संतोष उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जताया। गजानन नगर स्थित समाज भवन में सहकारनगर की सरकारी जमीन पर 73 पट्टों का वितरण फडणवीस के हाथों किया गया।

राजस्व सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व पार्षद मुन्ना यादव, नजूल के उपजिलाधिकारी श्रीराम मुंदडा, तहसीलदार जीतेन्द्र शिकतोडे आदि उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि 2014 में पहली बार विधायक बनने के बाद प्राथमिकता से कामगार कॉलोनी, तुकड़ोजीनगर के गरीबों को पट्टे वितरित करने का मसला उठाया। जिसके लिए संघर्ष भी किया।

25,000 गरीबों को मालकी पट्टे

फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के बाद प्राथमिकता से इस संदर्भ में सरकारी फैसला लेकर अब तक 25,000 गरीबों को जमीन के मालकी पट्टे वितरित किए हैं। भारत में पहली बार नागपुर से इसकी शुरुआत करने की खुशी भी जाहिर की। नागपुर सहित कई महानगरों में निजी जमीन पर बसे लोगों तथा जमीन मालिकों की समस्या चिंता का विषय रहा। 40 वर्षों से रह रहे लोगों के आवास का प्रश्न सामाजिक न्याय की भूमिका से हल करने को प्राथमिकता दी। इसी के साथ मूल मालिकों को जमीन का मुआवजा भी मिले, इसे सुनिश्चित करते हुए नीतिगत फैसला लिया गया। जमीन मालिकों से चर्चा की गई। उन्हें जमीन के बदले टीडीआर दिया गया। इस तरह से निजी जमीनों को सरकारी स्तर पर लाकर गरीबों को उनके नाम जमीन के पट्टे दिए गए।

पीएम आवास योजना के तहत अनुदान

उन्होंने कहा कि मालकी पट्टे के अलावा जिन लोगों के घर कच्चे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्के घर बनाने के लिए अनुदान दिया जाना है। कई जनोपयोगी, लोक कल्याणकारी सामाजिक न्याय के फैसले लिए गए हैं। माता-बहनों के लिए लाडली बहन योजना लाई गई है। जिसके लिए सभी महिलाओं को नियमों के अनुसार आवेदन करना है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है। महिलाओं को यात्रा के लिए 50 प्रतिशत की छूट, तीन गैस के सिलेंडर मुफ्त, जिन लड़कियों को उच्च शिक्षा लेना है, उन्हें 507 कोर्सेस के लिए लगनेवाला शैक्षणिक शुल्क सरकार की ओर से भरा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान लगभग 67 लाभार्थियों को पट्टे वितरण के प्रमाणपत्र दिए गए।

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