मेरी फाइलें खोलने की साजिश…बच्चू कड़ू का राज्य सरकार पर आरोप, कहा- आदेशों का करूंगा पालन
Winter Session: गोसीखुर्द प्रकल्पग्रस्त आंदोलन के 2018 केस में जिला सत्र न्यायालय ने विधायक बच्चू कड़ू को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। उन्होंने सरकार पर फाइलें दोबारा खोलने का आरोप लगाया।
- Written By: प्रिया जैस
बच्चू कड़ू (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Assembly Winter Session: गोसीखुर्द प्रकल्पग्रस्तों की मांगों को लेकर 7 वर्ष पहले किए गए आंदोलन का मामला जिला सत्र न्यायालय में लंबित है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने विधायक बच्चू कड़ू को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।
इस संदर्भ में प्रतिक्रिया जानने पर बच्चू कड़ू ने गंभीर आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर पुराने मामलों की फाइलें खोल रही हैं। पिछले कुछ दिनों में यह उनके खिलाफ जारी हुआ 9वां वारंट है। उन्होंने कहा कि अदालत का आदेश होने के कारण वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे।
क्या थी पूरी घटना?
20 अक्टूबर, 2018 को नागपुर और भंडारा जिलों के परियोजना प्रभावित सुबह से ही विधायक निवास में जमा होने लगे थे। दोपहर में बच्चू कड़ू वहां पहुंचे और उन्होंने मोर्चा निकालने की घोषणा की। महत्वपूर्ण बात यह थी कि जब यह पता चला कि विभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी उपलब्ध नहीं हैं, तो आंदोलनकारी आक्रामक हो गए।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र की गोलीबारी की वारदातों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और विदेश ताकतों का हाथ, CM फडणवीस का बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य! नियम तोड़ा तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता, मंत्री दादा भूसे का बड़ा ऐलान
क्या पुलिस की खाकी अब संघ के खाकी हाफ पैंट से जुड़ गई है? IPS विश्वास नांगरे पाटिल पर राज ठाकरे का सीधा हमला
विधानसभा में गूंजा खाद्य मिलावट का मुद्दा, सुधीर मुनगंटीवार ने FDA में रिक्त पद भरने की उठाई मांग
कुछ लोग छत पर चढ़ गए। नारेबाजी शुरू हुई और दो ड्रम नीचे फेंके गए। पूरे दिन परिसर में तनाव कायम रहा। प्रकल्पग्रस्तों ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास में विलंब के कारण हो रहीं परेशानियों, बिजली-स्कूल बंद, रोजगार न मिलना जैसी विविध मांगें रखी थीं।
यह भी पढ़ें – MLA हॉस्टल: नेताओं को भा रहा मसाला रसगुल्ला, रोज बनता है 3,000 लोगों का खाना, यहां देखें पूरा Menu
जेब्रु का लान खुद आग आए परिवहन मंत्री
सड़क दुर्घटनाएं कम करने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए “जेब्रु” नामक शुभंकर का अनावरण किया गया है। जेब्रु की एक मानवीय प्रतिकृति तैयार कर विधान भवन परिसर में जनजागरण अभियान चलाया जाना था। लेकिन इसके लिए आए जेब्रु को विधानमंडल की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ा। अनुमति होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसे अंदर जाने नहीं दिया। इस स्थिति को देखते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक स्वयं आगे आए। वे मुख्य प्रवेश द्वार तक गए और जेब्रु के गले में हाथ डालकर उसे अंदर लेकर आए।
