गोंडेगांव जिला परिषद सर्कल में होगी दमदार भिड़ंत, भाजपा और कांग्रेस में होगा सीधा मुकाबला
Maharashtra Local Body Elections: पूर्व में साटक जिला परिषद सर्कल के नाम से जानी जाने वाली यह सीट अब गोंडेगांव जिला परिषद सर्कल के रूप में गठित की गई है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर न्यूज
Parshivani: पूर्व में साटक जिला परिषद सर्कल के नाम से जानी जाने वाली यह सीट अब गोंडेगांव जिला परिषद सर्कल के रूप में गठित की गई है। गठन के बाद से इस क्षेत्र में भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रवादी पार्टी का मिला-जुला प्रभाव देखा गया है। वर्ष 2020 के जिला परिषद चुनाव में इस सीट से भाजपा के व्यंकटेश कारेमोरे विजयी हुए थे।
नवगठित गोंडेगांव 10 जिला परिषद सर्कल को इस बार ओबीसी खुला प्रवर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें गोंडेगांव 19 पंचायत समिति सीट खुला प्रवर्ग में तथा बनपुरी 20 पंचायत समिति सीट ओबीसी प्रवर्ग में आरक्षित है। इस सर्कल में जूनी कामठी, गोंडेगांव, वराडा, बनपुरी, साटक समेत लगभग 22 गांवों का समावेश है। इस बार भी इस सर्कल में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
दयाराम भोयर टिकट के दावेदार
इस बार के चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से पारशिवनी तहसील कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दयाराम भोयर और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक दलाल टिकट के प्रमुख दावेदारों में हैं। दयाराम भोयर पहले भी कई बार टिकट की दावेदारी कर चुके हैं, जबकि अशोक दलाल का नाम पहली बार कांग्रेस की संभावित सूची में शामिल हुआ है।
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दलाल की पत्नी मनीषा दलाल वर्तमान में गोंडेगांव ग्राम पंचायत की सरपंच हैं, जिससे उनकी दावेदारी को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है। तो वहीं, भाजपा की ओर से पूर्व विधायक स्वर्गीय देवराव आसोले और पूर्व जिला परिषद सदस्य जीजा आसोले के पुत्र एड। गजानन आसोले का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। हालांकि, अन्य नाम भी चर्चा में हैं।
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लोधी और कुनबी रहेंगे निर्णायक
गोंडेगांव सर्कल में कुनबी और लोधी समाज की संख्या सबसे अधिक है। यही वर्ग चुनावी परिणाम में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। गोंडेगांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में हिंदी भाषी मतदाता भी प्रभावशाली संख्या में हैं, जबकि साटक और बनपुरी को छोड़कर बाकी गांवों में लोधी एवं कुनबी मतदाता बहुल हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और दलित मतदाताओं की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव सीमित रहेगा।
शिवसेना शिंदे गुट से कौन?
जहां भाजपा और कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों ने मतदाता संपर्क अभियान शुरू कर दिया है, वहीं शिंदे सेना की ओर से अब तक कोई प्रमुख चेहरा सामने नहीं आया है। इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि भाजपा और कांग्रेस किस जातीय समीकरण पर दांव लगाएंगी। मतदाताओं का अंतिम निर्णय किस ओर झुकेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। ज्ञात हो कि गोंडेगांव जिला परिषद सर्कल से अब तक भाजपा के योगेश वाडीभस्मे, कल्पना चहांदे और व्यंकटेश कारेमोरे जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य कर चुके हैं।
