नागपुर स्वच्छता, कचरा संकट,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

नागपुर कचरा संकट: 3 दिवसीय हड़ताल के बाद मनपा सख्त, लापरवाह ठेकेदार कंपनी के खिलाफ जुर्माना शुरू

Nagpur Sanitation Workers Strike: नागपुर में 3 दिन की स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल से शहरभर में कचरे के ढेर लग गए। बढ़ती नाराजगी के बीच मनपा ने ठेकेदार कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

अंकिता पटेल

Nagpur Cleanliness Garbage Crisis: नागपुर शहर में स्वच्छता कर्मचारियों द्वारा किए गए 3 दिवसीय काम बंद आंदोलन के कारण पूरी सिटी में कचरे का साम्राज्य फैल गया था जिससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। घरों से कचरा न उठने के कारण सड़कों, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब महानगरपालिका ने सख्त रुख अपनाया है और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। 'एंथनी वेस्ट हैंडलिंग सेल लिमिटेड' (एजी एनवायरो) कंपनी के अंतर्गत काम करने वाले स्वच्छता कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन, अर्जित अवकाश और आकस्मिक अवकाश के भुगतान की मांग को लेकर यह हड़ताल की थी।

प्रशासन की लापरवाही और जनता का आक्रोश

इस आंदोलन में लगभग 1,200 कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया जिसके कारण शहर के 5 प्रमुख जोनों लक्ष्मीनगर, धरमपेठ, नेहरूनगर, धंतोली और हनुमाननगर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी। हैरानी की बात यह रही कि यह घटना उस समय घटी जब महानगरपालिका शहर में 'पर्यावरण संवर्धन व स्वच्छता पखवाड़ा' मना रही थी। स्वच्छता पखवाड़े के बीच शहर में लगे कचरे के ढेरों ने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी। शहरवासियों का गुस्सा तब और भड़क गया जब शहर में कचरे की समस्या चरम पर थी और कई नगरसेवक तथा पदाधिकारी गोवा के दौरे पर गए हुए थे।

कटौती के साथ लगाया जुर्माना

''हड़ताल पर गए कंपनी 'एंथनी वेस्ट हैंडलिंग सेल लिमिटेड' (एजी एनवायरो) को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा उनके हड़ताल के दिनों के पैसे की कटौती के साथ-साथ उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।'' - मनपा, उपायुक्त, घनकचरा प्रबंधन विभाग, राजेश भगत

कंपनी पर होगी लाखों की दंडात्मक कार्रवाई

हालांकि 3 दिन बाद स्वच्छता कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है लेकिन इस दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कचरा संकलन सेवा बाधित होने के लिए महापालिका ने सीधे तौर पर संबंधित कंपनी को जिम्मेदार माना है।

नागपुर मनपा ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और अनुबंध के तहत उनके बिलों से पैसे काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कामबंद रहने के दौरान के बिलों में कटौती के साथ-साथ कंपनी पर लाखो रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

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