गैस पाइपलाइन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
GAIL Nagpur Jabalpur Pipeline: नागपुर में गेल (इंडिया) लिमिटेड ने देश के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने नागपुर-जबलपुर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह पाइपलाइन 1,702 किलोमीटर लंबी मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा पाइपलाइन परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कुल लंबाई : 317 किलोमीटर (मध्य प्रदेश में 256 किमी और महाराष्ट्र में 61 किमी)।
लागत : 1,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश।
कवर किए गए जिले : इसमें छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, मंडला और सागर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
लाभार्थी : लगभग 86 लाख लोगों और 15 जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सीएनजी की किल्लत होगी खत्म : जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में सीएनजी की भारी कमी है। इस पाइपलाइन के चालू होने से क्षेत्र में 550 से अधिक नये सीएनजी स्टेशन खोलने में मदद मिलेगी।
घर-घर पहुंचेगी गैस (पीएनजी) : लगभग 26 लाख घरों को पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का कनेक्शन मिलेगा जो एलपीजी सिलेंडर का एक सस्ता और सुरक्षित विकल्प है।
औद्योगिक विकास : कोसमघाट में एक केंद्रीय वितरण केंद्र बनाया गया है। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता से उद्योगों की विनिर्माण लागत कम होगी और ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी।
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गेल के स्वतंत्र निदेशक अखिलेश जैन के अनुसार पाइपलाइन का काम समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। हाल ही में सिस्टम की मजबूती जांचने के लिए नाइट्रोजन गैस का परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। यह परियोजना पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के अनुरूप है। जलडमरूमध्य जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह पाइपलाइन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को आंतरिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।