अशोक खरात केस में बड़ा खुलासा, 45 दिग्गज नेताओं और डॉक्टर्स के नाम आए सामने, महाराष्ट्र में बवाल तय!

Ashok Kharat SIT Investigation: अशोक खरात कांड में बड़ा खुलासा! 45 बड़े नेताओं और नामी डॉक्टरों से थे तांत्रिक के संबंध। आश्रम के 'सीक्रेट कोड' और दवाओं के खेल की जांच शुरू।
SIT probe reveals 45 politicians and top doctors were in contact with Ashok Kharat. Code words for 'No Entry' and medical drug misuse under investigation.
ढोंगी बाबा अशोक खरात (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nashik Sex Scandal Politicians: ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल को फॉरेंसिक टीम से प्राप्त मोबाइल क्लोन डेटा की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र के लगभग 40 से 45 बड़े राजनीतिक नेता खरात के नियमित संपर्क में थे। इस खुलासे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

जांच के दौरान पुलिस को डिजिटल सबूतों के माध्यम से कई सनसनीखेज जानकारियां मिली हैं। अशोक खरात ने कई प्रभावशाली नेताओं के मोबाइल नंबर कोडवर्ड में सेव कर रखे थे। एसआईटी अब इन कोडवर्ड्स को डिकोड कर संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है।

अशोक खरात की बेटी के विवाह की निमंत्रण पत्रिका में सत्ताधारी और विपक्षी, दोनों ही गुटों के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल होने की बात सामने आई है। कई नेता महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लेने, चुनावी उम्मीदवारी का पर्चा भरने और शुभ समय तय करने के लिए खरात से सलाह लेते थे।

'नो एंट्री' और इशारों पर चलने वाला स्टाफ

अशोक खरात के आश्रम के कामकाज के तरीकों में भी कई घिनौने सच सामने आए हैं। आश्रम में झूमर की लाइट बंद' होने का मतलब 'नो एंट्री' होता था, यह एक गुप्त कोड था, जिसका पालन वहां का स्टाफ सख्ती से करता था।

एसआईटी को मिले कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा से यह स्पष्ट हो रहा है कि खरात का रसूख केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बहुत गहरा था। पुलिस अब उन नेताओं की सूची तैयार कर रही है जो खरात की काली करतूतों में मददगार थे या उससे अनुचित लाभ ले रहे थे।

SIT की रडार पर नामी डॉक्टर

महिला यौन शौषण मामले के मुख्य आरोपी अशोक खरात की जांच में प्रतिदिन नए और डरावने तथ्य सामने आ रहे है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस अपराध की जांच की आच अब नासिक के कुछ प्रतिष्ठित डॉक्टरों तक पहुंच गई है। इससे चिकित्सा जगत में भारी हड़कंप मचने की संभावना है।

एसआईटी इस दिशा में गहनता से जाच कर रही है कि क्या महिलाओं को अपने जाल में फंसाने के बाद उन्हें नियंत्रित करने के लिए दवाओं का सहारा लिया जाता था। जांच की जा रही है कि क्या खरात महिलाओं को गर्भधारण से रोकने के लिए विशिष्ट दवाएं या गोलियां देता था? ये दवाएं उसे किन डॉक्टरों की सलाह या मिलीभगत से प्राप्त हो रही थीं?

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