नागपुर में 30 जून से खुलेंगे स्कूल; पहले दिन शत-प्रतिशत मुफ्त किताबें बांटने का दावा हवा, अभी सिर्फ 72% सप्लाई
Nagpur Free Textbooks: 30 जून से स्कूल खुलने वाले हैं, लेकिन नागपुर में अब तक केवल 72% पाठ्यपुस्तकों की ही आपूर्ति हो पाई है। ऐसे में पहले दिन सभी विद्यार्थियों को किताबें मिलने पर संशय बना हुआ है।
- Written By: अंकिता पटेल
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Distribution Faces Delay: नागपुर में 30 जून से सभी शालाएं खुलने वाली हैं। प्रशासन का दावा है कि विद्यार्थियों को पहले ही दिन निःशुल्क पुस्तकों का वितरण किया जाएगा लेकिन यह दावा पूरा होगा या नहीं इस पर संदेह है क्योंकि अब तक 72 प्रतिशत पुस्तकों की ही सप्लाई हो पायी है। मतलब पहले दिन सारे छात्रों को पुस्तकें नहीं मिल पाएंगी।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिप, मनपा तथा निजी अनुदानित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाता है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने 1,67,338 विद्यार्थियों हेतु 8,68,653 पुस्तकों की मांग का प्रस्ताव भेजा है। शिक्षा विभाग का दावा है कि नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी लेकिन अब तक तहसील स्तर पर 6 लाख पुस्तकें ही यानी 72 प्रतिशत ही पहुंच पाई हैं।
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फिर अव्यवस्था
बीते शैक्षणिक सत्र में भी विभाग द्वारा दावा किया गया था कि शाला खुलने के पहले ही दिन पुस्तकों का वितरण किया जाएगा लेकिन दावा खोखला साबित हुआ था। इस वर्ष स्कूल 30 जून से शुरू होने वाले है।
योजना के अनुसार पहले ही दिन विद्यार्थियों को पुस्तकें वित्तरित की जानी है लेकिन शिक्षा विभाग की अव्यवस्था और लापरवाही के कारण अब तक मांग अनुसार आपूर्ति नहीं हो पायी है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी पाठ्यपुस्तक वितरण में अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति पैदा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सावनेर में 51% सप्लाई
जिले में कक्षा 1 से 5वीं तक के 82,656 तथा कक्षा 6 से 8वीं तक के 84,682 विद्यार्थी हैं, विद्यार्थियों को पहले दिन ही पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बाल-भारती के गोदामों से पुस्तकों की आपूर्ति, स्टाक करने और शालाओं तक वितरण के निर्देश दिए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस प्रणाली में दर्ज छात्र संख्या के आधार पर ही निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाएगा। सबसे कम आपूर्ति नागपुर ग्रामीण और सावनेर तहसील में हुई है जहां केवल 51 प्रतिशत पुस्तकें पहुंची हैं। अन्य क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति हुई है।
तहसील – वार पुस्तक सप्लाई की स्थिति
| तहसील | मांग | सप्लाई | शेष |
|---|---|---|---|
| नागपुर ग्रामीण | 90,354 | 46,546 | 43,808 |
| उमरेड | 67,747 | 45,065 | 22,682 |
| भिवापुर | 37,292 | 24,513 | 12,779 |
| कुही | 51,080 | 33,548 | 17,532 |
| रामटेक | 77,207 | 53,221 | 23,986 |
| मौदा | 59,299 | 40,348 | 18,951 |
| पारशिवनी | 56,781 | 36,933 | 19,848 |
| काटोल | 64,714 | 44,645 | 20,069 |
| नरखेड़ | 51,715 | 34,525 | 17,190 |
| सावनेर | 76,753 | 45,889 | 30,864 |
| कलमेश्वर | 47,711 | 31,497 | 16,214 |
| कामठी | 97,240 | 60,430 | 36,810 |
| हिंगना | 90,760 | 46,732 | 44,028 |
