खापरखेड़ा थर्मल पावर प्लांट में भीषण फ्लैश ओवर हादसा, कई झुलसे, गलत पैनल खोले जाने से हुई घटना
Thermal Power Plant Accident: खापरखेड़ा थर्मल पावर प्लांट में फ्लैश ओवर का गलत पैनल खोले जाने से रविवार को भीषण हादसा हो गया। इस हादसे के बाद तुरंत पुलिस को जानकारी नहीं दी गई।
- Written By: प्रिया जैस
खापरखेड़ा पावर प्लांट हादसा (डिजाइन फोटो)
Flash Over Accident at Khaparkheda Thermal Power Plant: 500 मेगावॉट क्षमता वाले खापरखेड़ा थर्मल पावर प्लांट में फ्लैश ओवर का गलत पैनल खोले जाने से रविवार को भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में सहायक अभियंता एवं ठेका मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए। इसमें 2 अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। पता चला है कि देवाजी कन्स्ट्रक्शन के मजदूर बिजली केंद्र के एमसीसी रूम में रखरखाव व मरम्मत का काम कर रहे थे।
उसी दौरान 6.6 केवी विद्युत प्रवाह के ब्रेकर को निकालते समय अचानक फ्लैश ओवर हो गया। जिससे यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार रविवार को दोपहर करीब 2.45 बजे हुए फ्लैश ओवर हादसे ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में सहायक अभियंता वैभव सोनुले (31), प्रकाशनगर कॉलोनी, खापरखेड़ा निवासी एवं ठेका मज़दूर सचिन भगत (39) वार्ड क्र.3, खापरखेड़ा निवासी गंभीर रूप से झुलस गए। जबकि टेकनीशियन राहुल गड़े एवं ठेका मज़दूर मनोहर पुरी बाल-बाल बच गए।
परीक्षण कार्य के दौरान जोरदार फ्लैश ओवर
मिली जानकारी के अनुसार, 6.6 केवी स्विच गियर रूम में एफ.डी. फैन ब्रेकर का काम करने के लिए बाकायदा परमिट लिया गया था। उसी दौरान सहायक अभियंता, टेकनीशियन एवं दो ठेका मज़दूर परीक्षण का कार्य कर रहे थे कि अचानक ज़ोरदार फ्लैश ओवर हुआ। इसमें सोनुले व भगत गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों के चेहरे और हाथ गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
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घायलों को पहले नागपुर स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ऑरेंज सिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्राप्त चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार – परमिट एफ.डी. फैन ब्रेकर का था, लेकिन गलती से दूसरा पैनल खोल दिया गया, जिसके चलते यह बड़ा हादसा घटित हुआ।
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हैरानी की बात यह है कि हादसे की जानकारी खापरखेड़ा शहर पुलिस को तत्काल नहीं दी गई, जो कि प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। इस हादसे ने प्लांट प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। मामले में उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की मांग क्षेत्र में जोर पकड़ रही है।
सुरक्षा साधनों का अभाव: कामगार प्रतिनिधि
कामगार प्रतिनिधि का कहना है कि “यदि सुरक्षा उपकरणों में चूक हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए। महाजेनको को समय-समय पर कर्मचारियों को उचित सुरक्षा साधन उपलब्ध कराना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” अभियंता गिरीश कुमारवार ने बताया दोनों घायलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
