नागपुर फायर ब्रिगेड की भर्ती पर फिर लगा ग्रहण! नए GR की एक शर्त से 500 फायरमैन की बहाली संकट में, ITI छात्र ना
Nagpur Fireman Recruitment: नई भर्ती नियमावली में केवल सरकारी फायर कॉलेज के प्रमाणपत्र को मान्यता देने की शर्त से नागपुर में 500 फायरमैन भर्ती प्रक्रिया अटक गई है।
- Written By: अंकिता पटेल
फायरमैन भर्ती, नगर विकास विभाग,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Fireman Recruitment ITI Certificate: नागपुर राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने हाल ही में जीआर जारी करते हुए महानगरपालिका अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग (सेवा भर्ती व सेवा वर्गीकरण) नियम, 2026 को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही वर्षों से लंबित सिटी में फायर ब्रिगेड विभाग में खाली पड़े पदों को भरने और पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया था किंतु अब भर्ती फिर एक बार उस समय संकट में आ गई जब इसी जीआर में केवल सरकारी फायर कॉलेज से प्राप्त प्रमाणपत्र धारकों को भर्ती में प्रवेश देने की शर्त को शामिल किया गया। इस शर्त का खुलासा होने के बाद फिलहाल 500 फायरमैन की भर्ती प्रक्रिया पर ग्रहण लग गया है।
कोर्ट जाने की तैयारी में आईटीआई से पास छात्र
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से जीआर जारी किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी थी। किंतु शर्त का खुलासा होने के बाद आईटीआई पास प्रमाणपत्र धारक छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।यहां तक कि सरकारी फायर कॉलेज की तरह उनके प्रमाणपत्र को भी स्वीकृत कर भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की गई जिसके लिए मनपा आयुक्त से भी मुलाकात की गई।
चर्चा के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का मानना था कि सरकार को पहले ही इस स्थिति से अवगत कराया गया था। इसके बाद जीआर में इस तरह की कोई शर्त नहीं होने का अनुमान लगाया जा रहा था किंतु आश्चर्यजनक ढंग से यह शर्त आ गई है, जबकि आईटीआई भी सरकार द्वारा ही संचालित होता है। इसके बावजूद इसके प्रमाणपत्र को दरकिनार करना तर्कसंगत नहीं है।
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यदि न्याय नहीं दिया गया तो हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के संकेत भी छात्रों ने दिए, सरकार को भेजा गया स्पष्टीकरण विभाग के अनुसार जीआर में इस तरह की शर्त होने के कारण मनपा आयुक्त की सहमति से अब राज्य सरकार को सुधार करने का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा गया है। सरकार की ओर से खुलासा आने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी किंतु तब तक भर्ती की प्रक्रिया पर अस्थायी रूप से रोक लग गई है।
आंकड़े बयां कर रहे हैं खौफनाक हकीकत
अग्निशमन विभाग में कुल 872 स्वीकृत पद हैं लेकिन वर्तमान में केवल 126 नियमित कर्मचारी और 56 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
फ्रंटलाइन यानी जमीनी स्तर पर स्थिति और भी भयावह है। फायरमैन के 500 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 37 स्थायी कर्मचारी और 56 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ही ड्यूटी पर तैनात हैं।
आग बुझाने के प्रोटोकॉल के तहत चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों का 3 शिफ्ट में काम करना अनिवार्य है। मदद के लिए फिलहाल अन्य विभागों से 65 कर्मचारियों को अग्निशमन विभाग में सेवा मांगी गई है। इसके अलावा 100 युवकों को इंटर्नशिप पर रखा गया था जिसमें से जुलाई तक 80 ही कार्यरत है। पुनः 100 इंटर्नशिप पर युवकों की भर्ती की जाएगी।
अधिकारियों और अन्य पदों की भी रूपरेखा तैयार
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (1 पद) व उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी (1 पद) ये पद 100% पदोन्नति या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे।
अग्निशमन केंद्र अधिकारी (15 पद): 25% पदों पर सीधी भर्ती होगी और 75% पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे, उप अग्निशमन अधिकारी (39 पद): 50%, पदों पर सीधी भर्ती और 50% पर पदोन्नति होगी।
चालक यंत्रचालक (162 पद) और प्रमुख अग्निशामक विमोचक (81 पद): इन पदों को शत-प्रतिशत पदोन्नति द्वारा भरा जाएगा।
वाहन चालक (अग्निशमन) (10 पद) इन पदों पर 100% सीधी भर्ती की जाएगी। इसके अलावा ऑटो इलेवट्रिशियन (2 पद) और फिटर कम ड्राइवर (15 पद) जैसे तकनीकी पदों पर भी 100% सीधी भर्ती का प्रावधान किया गया है।
