आम जनता के 'कानूनी हथियार' पर सरकारी वार! RTI आवेदन शुल्क में सीधे 600 गुना की बढ़ोतरी; जेरॉक्स के दाम भी बढ़े

Nagpur RTI Fee Hike: सूचना के अधिकार के तहत आवेदन और दस्तावेजों की प्रतियां प्राप्त करने का शुल्क बढ़ा दिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे सूचना हासिल करना आम लोगों के लिए महंगा होगा।
Government strikes at the common man's 'legal weapon'! RTI application fee hiked a staggering 600 times; photocopying charges also raised.
सूचना का अधिकार, आरटीआई,प्रतीकात्मक तस्वीर(सौजन्य AI)
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Nagpur Right to Information Fee Hike: नागपुर सूचना के अधिकार कानून को लेकर भले ही कई तरह के विवाद रहे हों, किंतु हर हाल में कानून किसी न किसी तरह से जनोपयोगी होने के ही उदाहरण उजागर होते रहे हैं। प्रशासकीय कार्यप्रणाली को उजागर करने के लिए इसे आम जनता का कानूनी हथियार माना जा रहा है किंतु अब सरकार की ओर से इसे महंगा कर दिया गया है।

पहले किसी मामले को लेकर मांगी गई जानकारी के अनुसार प्रत्येक जेराक्स कॉपी के लिए 2 रुपये का भुगतान करना होता था, किंतु अब प्रत्येक जेराक्स कॉपी के लिए 5 रुपये का भुगतान करना होगा।

इसी तरह पहले सूचना के अधिकार के आवेदन के साथ केवल 5 रुपये का स्टाम्प शुल्क लगता था। इसे अब 600 गुना बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ताओं के अनुसार सरकार की यह पहल एक तरह से आरटीआई को कम करना है।

150 शब्दों की शर्त

राज्य सरकार ने राज्य में सूचना के अधिकार को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए 'महाराष्ट्र सूचना अधिकार नियम, 2026' की अधिसूचना में नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए है।

अब आरटीआई के तहत आवेदन करते समय आवेदकों को ध्यान रखना होगा कि उनका आवेदन केवल एक ही विषय से संबंधित हो और सामान्यतः 150 शब्दों से अधिक का न हो। यदि आवेदक एक से अधिक विषयों पर जानकारी चाहता है, तो उसे हर विषय के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा।

5 रु. प्रति जेराक्स कॉपी पहले 2 रु. था शुल्क प्रति भुगतान के डिजिटल विकल्प

आवेदन शुल्क : सूचना प्राप्त करने के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 30 रुपये निर्धारित किया गया है।

पेज का खर्च: A-4 आकार या उससे छोटे कागज के साथ-साथ डिजिटल/स्कैन प्रतियों के लिए प्रति पृष्ठ 5 रुपये का शुल्क देना होगा।

निरीक्षण शुल्क: सरकारी रिकॉर्ड के निरीक्षण के लिए पहले घंटे के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन इसके बाद हर अगले घंटे के लिए 50 रुपये देने होंगे।

भुगतान का माध्यम: अब आवेदक नकद, कोर्ट फीस स्टैप, और डिमांड ड्राफ्ट के अलावा ऑनलाइन आरटीआई के मामले में इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों या यूपीआई के जरिए भी भुगतान कर सकेंगे।

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