FDA ने रोकी ‘ओन्डेनसेट्रॉन’ की सेल, नागपुर में नहीं हुई कोल्ड्रिफ सिरप की सप्लाई, लोगों में छाई दहशत
FDA Halts Sale of Ondansetron Coldrif Syrup: छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 10 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद नागपुर में एफडीए ने ‘ओन्डेनसेट्रॉन’ नामक कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।
- Written By: प्रिया जैस
कफ सिरप (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur News: इस समय ऑरेंज सिटी सहित पूरे देशभर में जहरीली कफ सिरप का मामला गरमाया हुआ है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला सामने आते ही नागपुर में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) चौकन्ना हो गया और जिले के पूरे मार्केट को छाना लेकिन यहां पर कोल्ड्रिफ सिरप की किसी तरह की सप्लाई नहीं है।
परंतु इस इंक्वायरी में विभाग को एक ऐसी सूचना मिली कि एक दवा डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास मरीज को दी गई दवा में से एक प्रोडक्ट ‘ओन्डेनसेट्रॉन’ मिला है जो कि एंटी वोमिट है। विभाग ने इसका सैम्पल लेकर इसकी सेल पर रोक लगा दी है। इस समय कोल्ड्रिफ सिरप को लेकर लोगों में दहशत छायी हुई है। सिटी के लोगों को जब से जहरीले कफ सिरप का पता चला है तब से उनमें अन्य सिरप को लेकर दहशत नजर आ रही है।
सैम्पल को भेजा टेस्टिंग के लिए
जानकारी के अनुसार तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप पहले जबलपुर को सप्लाई हुई थी जिसके बाद वहां से छिंदवाड़ा आई। छिंदवाड़ा से नागपुर कुछ ही घंटों का रास्ता होने के कारण वहां से सप्लाई नागपुर मार्केट में भी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफडीए ने देर न करते हुए मार्केट से सैम्पल लिये।
सम्बंधित ख़बरें
अभियान बहुत, असर कम! नागपुर में नहीं थम रहा प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग; प्रशासन पर उठे सवाल
छात्रों की जान से खिलवाड़? फायर सेफ्टी नहीं, रजिस्ट्रेशन नहीं; फिर भी धड़ल्ले से चल रहे हॉस्टल
जनगणना ड्यूटी का असर, 10वीं पास छात्रों की बढ़ी परेशानी, टीसी के लिए स्कूलों के चक्कर
30 साल से बसे परिवारों पर संकट? नागपुर मिहान की नाप-जोख से 300 परिवारों में दहशत, निवासियों ने उठाए सवालC
यह भी पढ़ें – सर्प मित्र का हैरतंगेज कारनामा, सांप को मुंह से CPR देकर बचाई जान, नागपुर से आई हैरान करने वाली घटना
इसमें विभाग को पता चला कि मार्केट में इस कफ सिरप की किसी तरह की सप्लाई नहीं हुई लेकिन उसमें से एक ‘ओन्डेनसेट्रॉन’ ओरल सोल्यूशन एनसेट सिरप की बिक्री को रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार बच्चों की मौत व कारणों को सबसे पहले नागपुर मेट्रो सर्विलांस यूनिट ने पकड़ा और स्वास्थ्य मंत्रालय, मप्र के स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया था। बताया जा रहा है कि इस यूनिट के अलर्ट के बावजूद मामले में देरी से गंभीरता दिखाई गई।
