सर्प मित्र का हैरतंगेज कारनामा, सांप को मुंह से CPR देकर बचाई जान, नागपुर से आई हैरान करने वाली घटना

Nagpur News: महाराष्ट्र के नागपुर में एक मामला सामने आया है। यहां एक अधमरे सांप को एक सर्प मित्र ने जीवन दिया। सर्प मित्र हर्षल ने सांप को मुंह से सीपीआर देकर उसकी जान बचाई।
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सांकेतिक तस्वीर
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Nagpur News: नागपुर के हिंगना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाली और अभूतपूर्व घटना सामने आई है। आमतौर पर इंसानों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिए जाने की घटनाएं तो आपने सुनी होंगी, लेकिन क्या आपने कभी किसी सांप को सीपीआर दिए जाने की कल्पना की है? यह अविश्वसनीय लगने वाली घटना वास्तव में घटी, जब एक सर्पमित्र ने एक बेहोश सांप को सीपीआर देकर उसकी जान बचा ली।

सांप को मिला नया जीवन

हिंगना के रहने वाले सर्पमित्र हर्षल शेंडे को एक घर में सांप देखे जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक सामान्य कुकरी प्रजाति का सांप एक ड्रम के नीचे फंसा हुआ है और उसमें कोई हरकत नहीं थी। उन्होंने तुरंत समझ लिया कि स्थिति गंभीर है। हर्षल ने बताया कि सांप की हालत बेहद नाजुक थी और उसे तुरंत मदद की जरूरत थी। उन्होंने सबसे पहले उसे पानी पिलाया, जिससे वह थोड़ी देर में कुछ हरकत करने लगा।

पाइप से दिया सीपीआर

इसके बाद हर्षल ने जो किया, वह वहां मौजूद सभी लोगों को चकित कर गया। उन्होंने एक पतली पाइप का एक सिरा सांप के मुंह में डाला, ताकि ऑक्सीजन ठीक से पहुंच सके। पाइप के मुंह को रुई से ढककर दूसरे सिरे को अपने मुंह में लेकर मुंह से सांप को सांसें देना शुरू किया। यह पूरी प्रक्रिया सीपीआर जैसी थी, जिसमें दिल की धड़कनें दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जाती है।

सांप की वापसी और जंगल में रिहाई

कुछ समय तक यह प्रयास जारी रखने के बाद, सांप ने हलचल दिखानी शुरू की। थोड़ी देर में वह पूरी तरह होश में आ गया। जब यह स्पष्ट हो गया कि सांप स्वस्थ है, तो हर्षल ने उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया।

"सीपीआर नहीं दिया होता, तो सांप मर जाता"

हर्षल ने कहा, “सांप पूरी तरह बेहोश था और अगर उसे समय पर पानी और सीपीआर नहीं दिया जाता, तो उसकी जान नहीं बचाई जा सकती थी।” उन्होंने यह भी बताया कि कुकरी सांप विषैला नहीं होता और आमतौर पर इंसानों के लिए खतरा नहीं होता।