कांग्रेस: विद्रोही-भोयर-हेटे और कन्हेरे का निष्कासन रद्द, निकाले गए पदाधिकारियों को वापसी का टिकट
Congress In Nagpur: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर माहौल गरम है। ऐसे में कांग्रेस ने अपनी टीम बढ़ाने के लिए 7 महीने पहले निकाले गए युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को वापसी का टिकट दिया है।
- Written By: प्रिया जैस
कांग्रेस पदाधिकारियों का निष्कासन रद्द (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur Youth Congress: नागपुर में स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस क्रम में युवक कांग्रेस के स्थायी रूप से निष्कासित पदाधिकारियों को वापस लाया गया है। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष तनवीर विद्रोही, महासचिव अनुराग भोयर, अक्षय हेटे, नागपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मिथिलेश कन्हेरे का समावेश है।
बीते 7 महीनों से ये पदाधिकारी अपने निष्कासन को नियमबाह्य बताते हुए न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शिवराज मोरे व महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रभारी अजय चिकारा ने चारों की अपात्रता को रद्द करते हुए दोबारा पूर्व पदों पर नियुक्त कर दिया है।
60 पदाधिकारियों को किया था निलंबित
बता दें, कि आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के एक वक्तव्य के खिलाफ युवक कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब के नेतृत्व में संघ मुख्यालय के समक्ष मोर्चा निकाला जाना था। तब युकां के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल राऊत थे। मोर्चा में शामिल नहीं होने का कारण देते हुए तब 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था जिससे संगठन में सनसनी फैल गई थी।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में 29 से 31 जुलाई तक भारी बारिश के संकेत, 29 तारिख को नागपुर के स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद
कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें…प्रियंका गांधी ने दी PM मोदी को नसीहत, युवाओं के भरोसे पर कही बड़ी बात
दतिया उपचुनाव में धांधली की आशंका; जीतू पटवारी ने समर्थकों संग रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपा ज्ञापन
भारी बारिश से डूबा नागपुर शहर! अंडरपास-दुकानें जलमग्न; स्कूल में फंसे छात्रों का किया रेस्क्यू, देखें VIDEO
हर्षवर्धन सपकाल से न्याय की गुहार
इनमें उपरोक्त 4 पदाधिकारियों को स्थायी रूप से ही निष्कासित करने की कार्रवाई की गई थी। निष्कासित पदाधिकारियों ने तब के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और बाद में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से न्याय की गुहार लगाई थी। आरोप लगाया था कि कुणाल राऊत ने अपनी वजनदारी बढ़ाने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए पदाधिकारियों को निलंबित करवाने का काम किया था।
यह भी पढ़ें – नागपुर युनिवर्सिटी पहली बार टॉप ‘100’ में शामिल, NIRF रैंकिंग में VNIT और IIM आगे
तब युकां की गुटबाजी भी सार्वजनिक हुई थी। अब जब चारों पदाधिकारियों का निष्कासन रद्द किया गया है तो उन्होंने अध्यक्ष उदय भानु चिब, राष्ट्रीय महासचिव व महाराष्ट्र युवक कांग्रेस के प्रभारी अजय चिकारा, प्रदेश अध्यक्ष शिवराज मोरे, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन का आभार माना है।
