

Mechanical Civil Engineering Jobs: नागपुर जिले में कृत्रिम बुद्धिमला (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच इंजीनियरिंग शिक्षा में 'कोर ब्रांच' का आकर्षण फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग के साथ अब विद्यार्थी मैकेनिकल, सिविल, इलेट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलिकम्युनिकेशन (ईएनटीसी) जैसी मूलभूत शाखाओं की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं।
महाराष्ट्र राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष (सीईटी सेल) के पिछले तीन वर्षों के आंकड़े इसकी तस्वीर स्पष्ट करते हैं। राज्य के 387 इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में इस वर्ष 1 लाख 81 हजार 927 विद्यार्थियों ने प्रवेश निक्षित किया।
इनमें सर्वाधिक 28 हजार 170 प्रवेश कंप्यूटर इंजीनियरिंग में हुए। पिछले तीन वर्षों में प्रमुख कोर ब्रांच में भी प्रवेश लगातार बढ़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षों में प्रवेश 16.122 से बढ़कर 19,702 हो गए। यानी 3,580 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई। सिविल में 10,719 से 14,213, इलेट्रिकल में 9,063 से 11,726 और ईएनटीसी में 17,343 से 18,895 प्रवेश हुए।
नागपुर विभाग के दो विश्वविद्यालयों राष्ट्रसंत तुकडोजी नागपुर विश्वविद्यालय और गौडवाना विश्वविद्यालय के अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस बार 17,084 छात्रों ने प्रवेश लिया है। इसमें से कोर ब्रांच की करीब 5,000 सीटें हैं। इनमें से करीच 80 फीसदी सीटें भरी है।
कुछ नामी कॉलेजों में तो सिविल, मैकेनिकल सहित अन्य कोर ब्रांच में सीटें ही नहीं बची है। इससे पहले करीब 50 पफीसदी सीटें खाल रह जाती थीं। चौथे राउंड के बाद भी सीटें नहीं भर पाती थीं।। प्राध्यापकों की मानें तो अगले 2-3 वर्षों बाद जॉब ट्रेड में और बदलाव आएगा।
आईटी सेवा क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल बढ़ने से कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया भी बदल रही है। कंपनियों को अब केवल प्रोग्रामिंग जानने वाले इंजीनियरों के बजाय संबंधित क्षेत्र का डोमेन नॉलेज और एआई की समझ रखने वाले इंजीनियर चाहिए। ऐसे में कोर ब्रांच के विद्यार्थियों के लिए एआई और नई तकनीकों का ज्ञान रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है।
- प्रा. सचिन उंटवाले, संचालक, रायसीनी कॉलेज ऑआफ इंजीनियरिंग
विद्यार्थियों का कोर ब्रांच की ओर लौटना बदलते रोजगार बाजार का संकेत है, चार वर्षीय डिग्री के दौरान विद्यार्थी मशीन लर्निंग, एआई और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम कर अपनी अतिरिक्त कौशल क्षमता विकसित कर सकते है, इससे कोर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ एआई कौशल का संयोजन संभव है।
प्रा. महेंद्र उमरे, सिविल विभाग, केडीके कॉलेज