पतंगबाजों पर ड्रोन से हाेगी निगरानी, नागपुर में नायलॉन मांजा का उपयोग किया तो लॉकअप में मनेगी संक्रांति
नागपुर में नायलॉन मांजे की वजह से किसी को हानि न पहुंचे, इसके लिए पुलिस विभाग युद्ध स्तर पर कार्रवाई में जुटा है। पुलिस ने नायलॉन मांजा के विरोध में जनजागृति करने के साथ ही निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात कर दिए हैं...
- Written By: आकाश मसने
नागपुर में पतंगबाजों पर ड्रोन से निगरानी (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर: नागपुर में नायलॉन मांजे की वजह से किसी को हानि न पहुंचे, इसके लिए पुलिस विभाग युद्ध स्तर पर कार्रवाई में जुटा है। अब तक लाखों रुपयों का प्रतिबंधित नायलॉन मांजा जब्त किया जा चुका है। इसके बावजूद लोग चोरी-छिपे नायलॉन मांजा बेच रहे हैं। इसीलिए मंकर संक्रांति पर किसी की जान न जाए, पुलिस विभाग ने नायलॉन मांजा के विरोध में जनजागृति करने के साथ ही निगरानी के लिए ड्रोन भी तैनात कर दिए हैं। सभी जोन में ड्रोन के जरिए आसमान पर निगरानी की जाएगी। यदि किसी को नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते देखा गया तो उसकी संक्रांति थाने के लॉकअप में ही मनेगी।
सीपी रविंद्रकुमार सिंगल ने बताया कि सभी बाजारों में पुलिस पैदल गश्त करके पतंग और मांजा विक्रेताओं पर निगरानी कर रही है। अब तक 50 से ज्यादा विक्रेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे लाखों रुपये का माल भी जब्त किया गया है। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कुछ लोग अब भी नायलॉन मांजा की बिक्री कर रहे हैं। यह चिंता की बात है। नायलॉन मांजा से किसी की जान भी जा सकती है। पूर्व में ऐेसे कई मामले देखने को मिले हैं।
पीए सिस्टम के जरिए चेतावनी
पुलिस और मनपा की सख्ती से बाजार से नायलॉन मांजा गायब हो गया है लेकिन कुछ लोग अपने घरों से जानलेवा नायलॉन मांजा बेच रहे हैं। कम उम्र के बच्चे नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में हादसों की संभावना बढ़ गई है। इसीलिए सभी जोन में ड्रोन कैमरा उपलब्ध करवाए गए हैं। परिमंडल के डीसीपी की निगरानी में अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
बार-बार सड़कें खोदने की झंझट से मिलेगी मुक्ति: नागपुर मनपा बनाएगी 38 किमी लंबा अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर
कक्षाएं हैं, छात्र हैं, लेकिन शिक्षक कहां हैं? बदहाल स्कूल को लेकर मनपा मुख्यालय में फूटा छात्रों का गुस्सा
SIR अभियान के ढीले रवैये पर DPC बैठक में हंगामा: उत्तर और मध्य नागपुर की उपेक्षा पर विधायकों का फूटा गुस्सा
नागपुर में फिर सुलगी आंदोलनों की आग: संविधान चौक बना जेन जी के संघर्ष का गढ़, सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज!
विशेष तौर पर घनी आबादी वाले उन इलाकों में ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जहां पतंगबाजी ज्यादा होती है। इसके साथ ही पुलिस वाहन में गश्त करने के साथ ही पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से लोगों को चेतावनी भी दी जा रही है। घनी आबादी वाले इलाकों में छतों पर जाकर पुलिस युवाओं को आगाह कर रही है।
नायलॉन मांजा का उपयोग किया तो होगी कार्रवाई
यदि इसके बाद भी कोई नहीं समझा और पतंगबाजी में नायलॉन मांजा का उपयोग करते दिखाई दिया तो उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 223 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पकड़े जाने वाला चाहे कोई भी हो उसके साथ कोई सहानुभूति नहीं रखी जाएगी। धारा 223 लोक सेवक द्वारा जारी आदेशों की अवज्ञा से जुड़ी है।
महाराष्ट्र की खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
हो सकती है 6 महीने की जेल
इस धारा के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे सज़ा हो सकती है। इस धारा के तहत अगर किसी व्यक्ति की वजह से किसी को परेशानी, असुविधा या चोट लगती है या ऐसा होने का खतरा पैदा होता है तो उसे अधिकतम 6 महीने तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा उस पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत भी 5 वर्ष तक की जेल हो सकती है। पतंगबाजों से अपील है कि पारंपरिक तरीके से सादे मांजे के साथ ही पतंग उड़ाएं। नायलॉन मांजा से किसी की जान भी जा सकती है, यह विचार करें।
