बाबासाहेब आंबेडकर नागपुर श्याम होटल प्रवास( सोर्स: सोशल मीडिया )
Dr. Babasaheb Ambedkar Stay Shyam Hotel Nagpur: नागपुर शहर के मध्य स्थित सीताबर्डी के टेकड़ी रोड पर मौजूद श्याम होटल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर अक्टूबर 1956 में नागपुर प्रवास के दौरान ठहरे थे। ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस इमारत को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग वर्षों से उठती रही है। अब करीब 77 करोड़ रुपये के प्रस्तावित विकास प्लान के बाद इस मुद्दे ने फिर गति पकड़ ली है।
अक्टूबर 1956 में नागपुर में हुए ऐतिहासिक बौद्ध धम्म दीक्षा कार्यक्रम के दौरान बाबासाहेब आंबेडकर शहर में कई दिनों तक रुके थे। इसी दौरान 12 से 16 अक्टूबर के बीच उनका ठहराव सीताबर्डी स्थित श्याम होटल में बताया जाता है। यह वही समय था जब नागपुर सामाजिक परिवर्तन के बड़े आंदोलन का केंद्र बना हुआ था। बाबासाहेब ने इस दौरान विभिन्न प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।
इसी दौरे के दौरान उन्होंने दीक्षाभूमि पर ऐतिहासिक धम्म दीक्षा समारोह में भाग लिया, जिसे देश के सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। श्याम होटल को उसी ऐतिहासिक दौर का साक्षी स्थल माना जाता है।
इतिहासकारों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह इमारत केवल एक होटल नहीं बल्कि सामाजिक न्याय आंदोलन से जुड़ी धरोहर है। इसलिए इसे संरक्षित कर राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया जाना चाहिए।
इस स्थान को विकसित करने के लिए लगभग 77 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। प्रस्ताव में आधुनिक और ऐतिहासिक दोनों पहलुओं को शामिल करने की योजना है। इस योजना का उद्देश्य स्थल को राष्ट्रीय स्तर के स्मारक के रूप में विकसित करना है।
नागपुर नगर निगम से इस इमारत के अधिग्रहण और विकास का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया है। फिलहाल यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए लंबित है। स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि मंजूरी मिलने पर यह स्थल नागपुर के प्रमुख ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
फिलहाल श्याम होटल की इमारत सामान्य उपयोग में है, लेकिन ऐतिहासिक पहचान के कारण इसे संरक्षित करने की मांग लगातार उठ रही है। नागरिकों का कहना है कि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो यह धरोहर धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।
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यदि इस स्थान को राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाता है तो:
अब सभी की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी है। मंजूरी मिलती है तो सीताबर्डी का श्याम होटल सामाजिक न्याय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहचान के रूप में विकसित हो सकता है।