सीट नहीं, टिकट हां! ट्रैवल्स बसों में बढ़ा किराया, घर वापसी में जेब हो रही खाली, यात्री हुए परेशान
Nagpur Diwali rush news: अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए घर वापसी की दौड़ शुरू हो गई है। रोजगार और शिक्षा के लिए अपना घर छोड़कर अन्य शहरों में रह रहे नागरिक परिवार से मिलने के लिए उत्सुक हैं।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर में ट्रैवल्स बसों की मनमानी (सौजन्य-नवभारत)
Diwali Travel Bus Fare Hike: ट्रैवल्स बस चालकों की मनमानी के चलते घर वापसी में लोगों की जेब खाली हो रही है। दिवाली के मद्देनजर कई निजी ट्रैवल्स बस संचालकों ने किराया बढ़ा दिया है। इसका असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। ट्रैवल्स बस संचालकों द्वारा वसूला जा रहा मनचाहा किराया दिवाली के अवसर पर लोगों के मन खट्टे कर रहा है।
बता दें कि महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से भी सैकड़ों लोग नागपुर में निवास कर रहे हैं। इनमें छात्रों, कामगारों समेत अन्य लोगों का समावेश है। अब दिवाली के लिए कामगार समेत छात्रों ने भी घर जाने की तैयारी कर ली है। ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं। ऐसे में कई लोगों को ट्रैवल्स बसों का रुख करना पड़ रहा है। घर वापसी के लिए न चाहते हुए भी लोगों को बस की टिकट के लिए अधिक शुल्क देना पड़ रहा है।
खड़े रहकर करना पड़ रहा सफर
दिवाली को देखते हुए ट्रैवल्स बस संचालकों का लालच बढ़ गया है। सीटें फुल होने के बाद भी कई बस संचालक लोगों को टिकट बेच रहे हैं। 50 सीटर बस में 80 से 90 सवारियां भरी जा रही हैं। सीट नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। टिकट शुल्क का पूरा भुगतान करने के बावजूद खड़े होकर सफर करने से लोगों के मन खट्टे हो रहे हैं। इसके बावजूद बस संचालकों की मनमानी बरकरार है।
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क्या करें, मजबूरी है साहब…
एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए लोग ट्रेनों को प्राथमिकता देते हैं। त्योहारों के दौरान ट्रेनें खचाखच भरी हुई हैं। ऐसे में कई लोग ट्रैवल्स बस का रुख कर रहे हैं। इस कारण अधिकतर ट्रैवल्स बसें भी सवारियों से भरी हुई देखी जा सकती हैं। सीट नहीं मिलने के कारण लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। घर वापसी के लिए बस में धक्के खाकर जाने को मजबूर नागरिकों ने बताया कि ‘क्या करें, मजबूरी है साहब।’ लोगों ने बताया कि परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए कष्ट उठाना पड़ रहा है।
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ओवरलोड बसों पर कार्रवाई नहीं
एक ओर जहां कई बस संचालक ओवरलोड सवारियां भर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पुलिस बल इनकी अनदेखी कर रहा है। ओवरलोड बसों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही। ओवरलोड सवारियां बैठाने वाले बस चालक स्वयं के साथ यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देना होगा।
